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	<title>ट्रंप प्रशासन Archives -</title>
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	<title>ट्रंप प्रशासन Archives -</title>
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		<title>ईरान से जंग के बीच अमरीका के नौसना सचिव जॉन फेलन ने दिया इस्तीफा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Sonu Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 23 Apr 2026 04:27:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[अमरीका]]></category>
		<category><![CDATA[जॉन फेलन]]></category>
		<category><![CDATA[जॉन फेलन ने दिया इस्तीफा]]></category>
		<category><![CDATA[ट्रंप प्रशासन]]></category>
		<category><![CDATA[नौसना सचिव अमरीका]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>वाशिंगटन, 23 अप्रेल : जॉन फेलन ने ट्रंप प्रशासन से अचानक इस्तीफा दे दिया है।...</p>
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<p class="wp-block-paragraph"><strong>वाशिंगटन, 23 अप्रेल :</strong> जॉन फेलन ने ट्रंप प्रशासन से अचानक इस्तीफा दे दिया है। पेंटागन ने बुधवार को बयान जारी कर पुष्टि की कि फेलन तत्काल प्रभाव से अपना पद छोड़ रहे हैं, हालांकि इस फैसले के पीछे का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया। यह इस्तीफा ऐसे समय पर आया है जब होरमुज़ जलडमरूमध्य में तनाव और ईरान के साथ नाजुक युद्धविराम की स्थिति बनी हुई है। इस वजह से यह घटनाक्रम और भी अहम माना जा रहा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">पेंटागन के प्रवक्ता शॉन पारनेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक संक्षिप्त बयान में फेलन की सेवाओं के लिए धन्यवाद दिया और उनके इस्तीफे की जानकारी दी। फेलन ने इस्तीफा उस दिन दिया जब उन्होंने वॉशिंगटन डीसी में नौसेना की वार्षिक कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया था और मीडिया से अपने एजेंडे पर चर्चा की थी। इससे उनके अचानक निर्णय ने और भी सवाल खड़े कर दिए हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>रक्षा विभाग में लगातार बदलाव</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">यह इस्तीफा पीट हेगसेथ द्वारा सेना के शीर्ष अधिकारी जनरल रैंडी जॉर्ज को हटाए जाने के कुछ हफ्तों बाद आया है। हेगसेथ के कार्यकाल में कई वरिष्ठ जनरलों, एडमिरलों और रक्षा अधिकारियों को पद से हटाया जा चुका है। फेलन डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव अभियान के प्रमुख दानदाताओं में शामिल रहे हैं। उन्होंने ‘रगर मैनेजमेंट एलएलसी’ नामक निजी निवेश फर्म की स्थापना की थी। इसके अलावा, वह स्पिरिट ऑफ अमेरिका नामक संस्था से भी जुड़े रहे, जो यूक्रेन और ताइवान की रक्षा सहयोग गतिविधियों में सक्रिय है। फिलहाल फेलन के इस्तीफे के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है, जिससे राजनीतिक और रणनीतिक हलकों में अटकलों का दौर जारी है।</p>
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		<title>सोने-तांबे के खनन के लिए पाकिस्तान में अमेरिका का 1.3 अरब डॉलर का निवेश</title>
		<link>https://bharatdes.com/us-invests-1-3-billion-in-gold-and-copper-mining-in-pakistan/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Sonu Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 06 Feb 2026 04:10:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[अमेरिका]]></category>
		<category><![CDATA[ट्रंप प्रशासन]]></category>
		<category><![CDATA[पाकिस्तान खनन]]></category>
		<category><![CDATA[प्रोजेक्ट वॉल्ट]]></category>
		<category><![CDATA[रेको डिक खदान]]></category>
		<category><![CDATA[सोने-तांबे]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>वॉशिंगटन, 6 फरवरी : अमेरिका ने पाकिस्तान की रेको डिक खदान परियोजना में 1.3 अरब...</p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>वॉशिंगटन, 6 फरवरी :</strong> अमेरिका ने पाकिस्तान की रेको डिक खदान परियोजना में 1.3 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की है। ट्रंप प्रशासन ने बुधवार को बताया कि इस निवेश को &#8216;प्रोजेक्ट वॉल्ट&#8217; के तहत लागू किया जाएगा। यह कदम पाकिस्तान के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता के रूप में देखा जा रहा है, खासकर जब देश कठिन आर्थिक परिस्थितियों का सामना कर रहा है। </p>



<h3 class="wp-block-heading">बलूचिस्तान पर किया बड़ा ऐलान</h3>



<p class="wp-block-paragraph">इस निवेश से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को गति मिल सकती है, लेकिन इस क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना को विद्रोही समूह बीएलए से चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। बीएलए, जो बलूचिस्तान की खनिज संपदा को अन्य देशों को बेचने के खिलाफ है, अमेरिका और पाकिस्तान के लिए खनन गतिविधियों को सुगम बनाने में बाधा उत्पन्न कर सकता है। इस प्रकार, दोनों देशों को न केवल आर्थिक लाभ के लिए बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी बीएलए की चुनौतियों का सामना करना होगा।</p>



<h4 class="wp-block-heading">रेको डिक &#8216;प्रोजेक्ट वॉल्ट&#8217; अमेरिका के बाहर किया गया एकमात्र निवेश</h4>



<p class="wp-block-paragraph">अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने नवीनतम प्रोजेक्ट का उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ धातुओं के वैश्विक बाजार को पुनर्गठित करना बताया है। इस संदर्भ में, विदेश विभाग ने स्पष्ट किया है कि रेको डिक &#8216;प्रोजेक्ट वॉल्ट&#8217; के लिए अमेरिका के बाहर किया गया एकमात्र निवेश है। इस प्रोजेक्ट की घोषणा पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 फरवरी को की थी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यह पहल यूनाइटेड स्टेट एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक (EXIM) के चेयरमैन की अगुवाई में चल रही है, जिसमें EXIM ने इस प्रोजेक्ट के लिए 10 अरब डॉलर के ऋण को मंजूरी दी है। यह राशि इस एजेंसी द्वारा प्रदान किए गए सबसे बड़े ऋणों में से एक मानी जा रही है, जो इस क्षेत्र में अमेरिका की रणनीतिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">क्यों खास है रेको डिक प्रोजेक्ट</h4>



<p class="wp-block-paragraph">EXIM ने ट्रंप प्रशासन की खनिज परियोजनाओं के लिए 14.8 अरब डॉलर के लेटर ऑफ इंटरेस्ट जारी किए हैं। महत्वपूर्ण खनिज पोर्टफोलियो के लिए भी EXIM ने कई लेन-देन को मंजूरी दी है, जिसमें पाकिस्तान में 1.3 अरब डॉलर का निवेश शामिल हैं। इस लिस्ट में अमेरिका के अलावा पाकिस्तान अकेला ऐसा देश है, जहां क्रिटिकल मिनरल्स के लिए इन्वेस्टमेंट किया गया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यह भी देखें : <a href="https://bharatdes.com/indian-man-makes-religious-remarks-at-riyadh-business-exhibition-video-goes-viral/">रियाद बिजनेस एग्जिबिशन में भारतीय पर धार्मिक टिप्पणी, वीडियो वायरल</a></p>
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		<title>भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते पर ट्रंप प्रशासन की पहली प्रतिक्रिया</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Sonu Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 28 Jan 2026 06:49:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि]]></category>
		<category><![CDATA[जैमिसन ग्रीर]]></category>
		<category><![CDATA[ट्रंप प्रशासन]]></category>
		<category><![CDATA[भारत-EU]]></category>
		<category><![CDATA[मुक्त व्यापार समझौते]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>न्यूयॉर्क, 28 जनवरी : अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमिसन ग्रीर ने भारत और यूरोपीय संघ (EU)...</p>
<p>The post <a href="https://bharatdes.com/the-trump-administrations-first-reaction-to-the-india-eu-free-trade-agreement/">भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते पर ट्रंप प्रशासन की पहली प्रतिक्रिया</a> appeared first on <a href="https://bharatdes.com"></a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>न्यूयॉर्क, 28 जनवरी :</strong> अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमिसन ग्रीर ने भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते को लेकर ट्रंप प्रशासन की पहली प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि इस समझौते में भारत सबसे बड़े लाभार्थी के रूप में उभरा है और आने वाले समय में भारत के “बहुत अच्छे दिन” होंगे। ग्रीर मंगलवार को भारत-EU के बीच हुए इस ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे, जिसे ‘सभी समझौतों की मां’ कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि समझौते के शुरुआती विवरण देखने के बाद यह स्पष्ट होता है कि भारत को इसमें सबसे अधिक फायदा मिला है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">यूरोप में भारत को बढ़ी बाजार पहुंच</h3>



<p class="wp-block-paragraph">फॉक्स बिज़नेस को दिए एक इंटरव्यू में जैमिसन ग्रीर ने कहा, “मैंने अब तक समझौते के कुछ विवरण देखे हैं। मुझे लगता है कि साफ तौर पर भारत इसमें शीर्ष पर रहा है। भारत को यूरोप में ज्यादा बाजार पहुंच मिली है।”</p>



<h4 class="wp-block-heading">भारतीय श्रमिकों को मिल सकता है बड़ा लाभ</h4>



<p class="wp-block-paragraph">ग्रीर ने आगे कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि भारत को इस समझौते के तहत कुछ अतिरिक्त इमीग्रेशन अधिकार भी मिले हैं। उन्होंने यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने यूरोप में भारतीय कामगारों की मोबिलिटी की बात कही थी। इससे कम लागत वाली श्रम शक्ति वाले भारत को बड़ा फायदा मिलने की संभावना है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">रूसी तेल पर 25% टैरिफ का मुद्दा बरकरार</h4>



<p class="wp-block-paragraph">रूस से तेल की खरीद को लेकर भारत पर लगाए गए 25 फीसदी टैरिफ के सवाल पर ग्रीर ने कहा कि भारत अभी भी यह लेवी अदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत के साथ अमेरिका के कार्यकारी संबंध अच्छे हैं, लेकिन रूसी तेल पर मिलने वाली छूट के कारण इस मुद्दे पर भारत को अभी और काम करने की जरूरत है। ग्रीर ने यह भी स्पष्ट किया कि भले ही दोनों देशों के बीच सहयोग मजबूत है, लेकिन ऊर्जा और व्यापार से जुड़े कुछ मुद्दों पर अभी बातचीत जारी रहने की संभावना है। भारत-EU समझौते को उन्होंने वैश्विक व्यापार संतुलन में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम बताया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यह भी देखें : <a href="https://bharatdes.com/canadian-prime-minister-mark-carney-will-visit-india-in-march/">कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी मार्च में भारत दौरे पर आएंगे</a></p>
<p>The post <a href="https://bharatdes.com/the-trump-administrations-first-reaction-to-the-india-eu-free-trade-agreement/">भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते पर ट्रंप प्रशासन की पहली प्रतिक्रिया</a> appeared first on <a href="https://bharatdes.com"></a>.</p>
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		<item>
		<title>एच-1बी वीजा आवेदन के लिए नए अपडेट का भारतीयों पर कितना असर?</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Sonu Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 10 Dec 2025 06:33:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[अमेरिका]]></category>
		<category><![CDATA[अमेरिकी विदेश विभाग]]></category>
		<category><![CDATA[एच-1बी वीजा]]></category>
		<category><![CDATA[ट्रंप प्रशासन]]></category>
		<category><![CDATA[नए अपडेट]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>वाशिंगटन, 10 दिसम्बर : ट्रंप प्रशासन द्वारा आव्रजन नियमों को सख्त करने के बाद अमेरिका में...</p>
<p>The post <a href="https://bharatdes.com/how-much-impact-will-the-new-update-for-h-1b-visa-application-have-on-indians/">एच-1बी वीजा आवेदन के लिए नए अपडेट का भारतीयों पर कितना असर?</a> appeared first on <a href="https://bharatdes.com"></a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>वाशिंगटन, 10 दिसम्बर :</strong> ट्रंप प्रशासन द्वारा आव्रजन नियमों को सख्त करने के बाद अमेरिका में अब तक 85,000 वीजा रद्द किए जा चुके हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने &#8216;X&#8217; (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किया कि जनवरी से अब तक 85,000 वीजा रद्द किए गए हैं, जो आव्रजन प्रवर्तन और सीमा सुरक्षा पर ट्रंप प्रशासन की बढ़ती सख्ती को दर्शाता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">दरअसल, अमेरिकी विदेश विभाग ने एक पोस्ट में लिखा है कि जनवरी से अब तक 85,000 वीजा रद्द किए जा चुके हैं। इनमें 8,000 से अधिक छात्र शामिल हैं, जो पिछले साल की तुलना में दोगुने से भी अधिक है। इस संदेश से आव्रजन संबंधी सख्त निगरानी के प्रति प्रशासन की निरंतर प्रतिबद्धता झलकती है। इससे संकेत मिलता है कि राष्ट्रपति ट्रंप और विदेश मंत्री रूबियो इन नियमों पर ही नहीं रुकने वाले हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>&#8220;अमेरिका को फिर से सुरक्षित बनाएं&#8221;</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">अमेरिकी विदेश विभाग की पोस्ट के साथ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की एक तस्वीर भी थी, जिस पर &#8220;अमेरिका को फिर से सुरक्षित बनाएं&#8221; लिखा था, जो प्रशासन के इस तर्क को बल देता है कि राष्ट्रीय सुरक्षा प्रयासों के लिए सख्त वीजा नियम आवश्यक हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रद्द किए गए 8,000 से अधिक वीजा छात्रों के थे। शराब पीकर गाड़ी चलाना, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों को वीजा रद्द होने का मुख्य कारण बताया गया, जो पिछले वर्ष रद्द किए गए वीजाों में से लगभग आधे थे।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>अपराधियों और आतंकवाद के समर्थकों को निशाना बनाया गया</strong></h4>



<p class="wp-block-paragraph">इसके अलावा, वीजा की समय सीमा समाप्त होने, आतंकवाद को समर्थन देने से संबंधित जांच और अन्य गंभीर कारणों से भी कुछ वीजा रद्द किए गए। अक्टूबर में, प्रशासन ने रूढ़िवादी कार्यकर्ता चार्ली किर्क की हत्या का जश्न मनाने के आरोपी लोगों के वीजा भी रद्द कर दिए।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>अमेरिका के नए सोशल मीडिया नियमों का भारतीयों पर प्रभाव</strong></h4>



<p class="wp-block-paragraph">आपको बता दें कि ट्रंप प्रशासन के सख्त सोशल मीडिया स्क्रीनिंग नियमों के कारण भारत में एच-1बी वीजा आवेदकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि कई नियुक्तियां अगले साल के लिए स्थगित कर दी गई हैं। भारत में अमेरिकी दूतावास ने मंगलवार रात एक एडवाइजरी जारी कर बताया कि दिसंबर-जनवरी में होने वाले कई साक्षात्कार अब मार्च 2026 या उसके बाद के लिए टाल दिए गए हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">आवेदकों को निर्देश दिया गया है कि वे 15 दिसंबर से पहले अपने सभी सोशल मीडिया प्रोफाइल को &#8220;सार्वजनिक&#8221; कर दें, अन्यथा वीजा रद्द किया जा सकता है। जो लोग निर्धारित तिथि पर दूतावास जाएंगे, उन्हें प्रवेश भी नहीं दिया जाएगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यह भी देखें : <a href="https://bharatdes.com/stock-markets-rose-after-two-days-of-decline/">दो दिन की गिरावट के बाद शेयर बाजारों में तेजी आई</a></p>
<p>The post <a href="https://bharatdes.com/how-much-impact-will-the-new-update-for-h-1b-visa-application-have-on-indians/">एच-1बी वीजा आवेदन के लिए नए अपडेट का भारतीयों पर कितना असर?</a> appeared first on <a href="https://bharatdes.com"></a>.</p>
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		<item>
		<title>टैरिफ को लेकर ट्रंप का नया फरमान, राहत के साथ किया बड़ा ऐलान</title>
		<link>https://bharatdes.com/trumps-new-order-regarding-tariff-made-a-big-announcement-with-relief/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Sonu Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 18 Oct 2025 07:36:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[टैरिफ]]></category>
		<category><![CDATA[ट्रंप]]></category>
		<category><![CDATA[ट्रंप प्रशासन]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 18 अक्तूबर : भारत धनतेरस मना रहा है। इस अवसर पर भारत में खुशी...</p>
<p>The post <a href="https://bharatdes.com/trumps-new-order-regarding-tariff-made-a-big-announcement-with-relief/">टैरिफ को लेकर ट्रंप का नया फरमान, राहत के साथ किया बड़ा ऐलान</a> appeared first on <a href="https://bharatdes.com"></a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>नई दिल्ली, 18 अक्तूबर :</strong> भारत धनतेरस मना रहा है। इस अवसर पर भारत में खुशी की लहर है। इस दिन सोने-चाँदी समेत कीमती धातुओं की खरीदारी शुभ मानी जाती है। इस शुभ अवसर पर ट्रंप ने भी बड़ी राहत की घोषणा की। ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी वाहन निर्माताओं को टैरिफ में बड़ी राहत देते हुए आयातित मध्यम और भारी ट्रकों और पुर्जों पर औपचारिक रूप से 25% टैरिफ और बसों पर 10% टैरिफ लगाया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">आदेशों में कहा गया है कि ये शुल्क राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर लगाए जा रहे हैं और इनका उद्देश्य अधिक ऑटोमोबाइल उत्पादन को अमेरिका में स्थानांतरित करना है। हालाँकि, यह मेक्सिको के लिए एक बड़ा झटका हो सकता है, जो अमेरिका को मध्यम और भारी ट्रकों का सबसे बड़ा निर्यातक है।&nbsp;वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को एक घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत 1 नवंबर से ट्रकों और बसों पर शुल्क लगाया जाएगा। ट्रम्प ने पहले भी ट्रकों पर शुल्क लगाने की योजना की घोषणा की थी।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>ऑटो पार्ट्स सस्ते हो जाएंगे</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">फोर्ड के सीईओ जिम फ़ार्ले ने कहा कि ट्रंप के आदेश से अमेरिकी उत्पादन के लिए ऑटो पार्ट्स सस्ते हो जाएँगे, और बड़े ट्रकों पर नए आयात शुल्क आयात के साथ प्रतिस्पर्धा को समान स्तर पर लाने में मदद करेंगे। मई में, ट्रंप ने सालाना 460 अरब डॉलर से ज़्यादा मूल्य के वाहनों और ऑटो पार्ट्स पर 25% ऑटो टैरिफ लगाया था, लेकिन उसके बाद से उन्होंने जापान, यूनाइटेड किंगडम और यूरोपीय संघ सहित कुछ देशों के साथ इन टैरिफ को कम करने के लिए समझौते किए हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ट्रंप के आदेश के तहत, वाहन निर्माता 2030 तक अमेरिका में असेंबल किए जाने वाले वाहनों के लिए सुझाए गए खुदरा मूल्य के 3.75% के बराबर क्रेडिट के पात्र होंगे ताकि पुर्जों पर आयात शुल्क की भरपाई की जा सके। वे अमेरिकी इंजन उत्पादन और अमेरिकी मध्यम एवं भारी ट्रक उत्पादन के लिए भी 3.75% क्रेडिट प्रदान कर रहे हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को संवाददाताओं को बताया कि अमेरिका-कनाडा-मेक्सिको व्यापार समझौते के तहत राहत पाने के पात्र ट्रकों को आयात शुल्क से छूट दी जाएगी, लेकिन बसों को नहीं।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>टैरिफ तीन श्रेणियों पर लागू होंगे</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">नए टैरिफ श्रेणी 3 से श्रेणी 8 तक के सभी ट्रकों पर लागू होंगे, जिनमें बड़े पिकअप ट्रक, मूविंग ट्रक, कार्गो ट्रक, डंप ट्रक और 18-पहिया ट्रैक्टर शामिल हैं। ट्रंप ने पिछले महीने कहा था कि टैरिफ का उद्देश्य निर्माताओं को &#8220;अनुचित बाहरी प्रतिस्पर्धा&#8221; से बचाना है, और इस कदम से पैकर के स्वामित्व वाली पीटरबिल्ट और केनवर्थ तथा डेमलर ट्रक्स के स्वामित्व वाली फ्रेटलाइनर जैसी कंपनियों को फायदा होगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यह भी देखें : <a href="https://bharatdes.com/three-cricketers-killed-in-pak-attack-afghanistan-refuses-to-play-series/">पाक हमले में तीन क्रिकेटरों की मौत, अफगानिस्तान ने श्रृंखला खेलने से मना किया</a></p>
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		<title>ट्रंप प्रशासन का यू-टर्न, बर्खास्त सीडीसी कर्मचारियों को बहाल किया</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Sonu Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 13 Oct 2025 07:17:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[ट्रंप प्रशासन]]></category>
		<category><![CDATA[शटडाउन]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>वाशिंगटन, 13 अक्तूबर : अमेरिका में 11 दिनों से चल रहे शटडाउन के बीच ट्रंप प्रशासन...</p>
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<p class="wp-block-paragraph"><strong>वाशिंगटन, 13 अक्तूबर :</strong> अमेरिका में 11 दिनों से चल रहे शटडाउन के बीच ट्रंप प्रशासन संघीय कर्मचारियों की छंटनी का कार्यक्रम तेज़ी से लागू कर रहा है। इसमें सभी विभागों के ज़रूरी कर्मचारियों की भी छंटनी की जा रही है। ऐसे ही एक विभाग, रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के विशेषज्ञों को भी शुक्रवार को आनन-फानन में बर्खास्त कर दिया गया। ट्रंप प्रशासन को अब अपनी गलती का एहसास हुआ है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इन लोगों को वापस काम पर बुला लिया गया है। वहीं, शटडाउन के विरोध पर काबू पाने के लिए सांसदों के मंगलवार से पहले लौटने की कोई संभावना नहीं है। हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने कहा है कि वह संसद को तब तक बंद रखना चाहते हैं जब तक दोनों पक्ष कामचलाऊ विधेयक पारित करने के लिए तैयार नहीं हो जाते।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मीज़ल्स रिस्पांस की इंसीडेंट कमांडर, अथालिया क्रिस्टी को इबोला, मारबर्ग और एम्पैक्स जैसी गंभीर बीमारियों से निपटने का 30 साल का अनुभव है। जब ऐसी बीमारियाँ फैल रही थीं, तब व्हाइट हाउस अक्सर उनसे संपर्क करता था। ट्रम्प प्रशासन ने उन्हें भी बर्खास्त कर दिया था। अब उन्हें वापस बुला लिया गया है। इसी तरह, एक अन्य वरिष्ठ संक्रामक रोग विशेषज्ञ, मॉरीन बार्टी की भी बर्खास्तगी रद्द कर दी गई है। वह होमलैंड सिक्योरिटी विभाग में काम करती थीं। दोनों ही सीडीसी के ग्लोबल हेल्थ सेंटर में काम करती थीं, जिसे बंद कर दिया गया था।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>ट्रम्प ने सेना के लिए आठ अरब डॉलर जारी किए</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उन्होंने उस फंड की पहचान कर ली है जिसके जरिए शटडाउन की अवधि के दौरान सैनिकों को भुगतान किया जाएगा। आपको बता दें कि कांग्रेस ने सैनिकों के लिए अतिरिक्त धनराशि को मंजूरी नहीं दी है। पेंटागन के अधिकारियों ने बताया कि पिछले वित्त वर्ष के दौरान शोध, जांच और मूल्यांकन कार्यों के लिए आठ अरब डॉलर की राशि खर्च नहीं की गई, जो सैनिकों के लिए तय की गई है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">अपनी योजना के बारे में बताते हुए ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि मैं अपनी सेना और देश के रक्षकों को डेमोक्रेटिक पार्टी का बंधक नहीं बनने दूंगा, जिसकी वजह से देश को खतरनाक सरकारी शटडाउन का सामना करना पड़ रहा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यह भी देखें : <a href="https://bharatdes.com/humans-can-live-up-to-150-years-claims-russian-scientist/">150 साल तक जी सकते हैं इंसान! रूसी वैज्ञानिक का दावा</a></p>
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		<title>अब अमेरिका जाने पर लगेगा 250 डॉलर का नया वीजा शुल्क</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Sonu Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 01 Sep 2025 05:42:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[250 डॉलर]]></category>
		<category><![CDATA[अमेरिका]]></category>
		<category><![CDATA[ट्रंप प्रशासन]]></category>
		<category><![CDATA[वीजा शुल्क]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>वाशिंगटन, 1 सितम्बर : ट्रंप प्रशासन ने विदेश से अमेरिका आने वाले लोगों के लिए...</p>
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<p class="wp-block-paragraph"><strong>वाशिंगटन, 1 सितम्बर : </strong>ट्रंप प्रशासन ने विदेश से अमेरिका आने वाले लोगों के लिए वीज़ा प्रक्रिया को और सख्त कर दिया है। अब 1 अक्टूबर, 2025 से विदेशी यात्रियों को अमेरिकी वीज़ा प्राप्त करने के लिए 250 डॉलर (करीब ₹20,800) का नया शुल्क देना होगा। इस शुल्क को &#8220;वीज़ा इंटीग्रिटी शुल्क&#8221; कहा गया है और इसे &#8220;वन बिग ब्यूटीफुल बिल&#8221; के तहत लागू किया गया है।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>कौन से देश सबसे अधिक प्रभावित होंगे?</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">इस नए शुल्क का उन देशों पर अधिक प्रभाव पड़ेगा जो वीज़ा छूट कार्यक्रम का हिस्सा नहीं हैं, जैसे:<br>मेक्सिको, चीन, ब्राज़ील इन देशों के नागरिकों को अब वीजा शुल्क के साथ कुल 442 डॉलर (36,800 रुपये) का भुगतान करना होगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">अंतर्राष्ट्रीय यात्रा पर नजर रखने वाली एजेंसियों के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका आने वाले विदेशी यात्रियों की संख्या में पहले से ही गिरावट आ रही है।<br>जुलाई में अमेरिका आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में 3.1% की गिरावट आई।<br>अनुमान है कि अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन राजस्व 2025 में घटकर 169 बिलियन डॉलर रह जाएगा, जो 2024 में 181 बिलियन डॉलर था।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>अमेरिका में प्रमुख घटनाएँ</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">आगामी समय में अमेरिका कई प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी करने वाला है : अमेरिका250 समारोह (अमेरिकी स्वतंत्रता के 250 वर्ष), ओलंपिक खेल, फीफा विश्व कप लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के शुल्क और नियम पर्यटकों की संख्या में और कमी ला सकते हैं। ट्रैवल कंपनी अल्टौर के अध्यक्ष गेबे रिज़ी कहते हैं, &#8220;अगर हम यात्रा को और जटिल बना देंगे, तो इसका निश्चित रूप से यात्रा करने वालों की संख्या पर असर पड़ेगा।&#8221;</p>



<p class="wp-block-paragraph">न केवल अमेरिका, बल्कि दुनिया भर के देश अब पर्यटन को विनियमित करने के लिए नए शुल्क और सख्त नियम लागू कर रहे हैं।<br>ब्रिटेन ने हाल ही में एक नई ईटीए (इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन) प्रणाली शुरू की है। इसमें यात्रियों को ऑनलाइन अनुमोदन प्राप्त करने के लिए लगभग 13 डॉलर (₹1,000) का भुगतान करना होगा, जो उनके पासपोर्ट से जुड़ा होगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>छात्र और मीडिया वीज़ा पर भी निगरानी</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">इसी समय, ट्रम्प प्रशासन ने एक और नियम प्रस्तावित किया है:<br>अब अंतर्राष्ट्रीय छात्रों को अधिकतम 4 वर्ष तक अमेरिका में रहने की अनुमति होगी।<br>सांस्कृतिक आदान-प्रदान और मीडिया वीज़ा की अवधि भी सीमित होगी।<br>सरकार का कहना है कि ये कदम &#8220;वीज़ा दुरुपयोग को रोकने&#8221; और विदेशी नागरिकों की निगरानी बढ़ाने के लिए उठाए जा रहे हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यह भी देखें : <a href="https://bharatdes.com/officials-ate-up-rs-3-7-crores-to-eradicate-poverty-in-pakistan/">पाकिस्तान में गरीबी खात्मे के लिए 3.7 करोड़ खा गए अधिकारी</a></p>
<p>The post <a href="https://bharatdes.com/now-a-new-visa-fee-of-250-will-be-charged-for-going-to-america/">अब अमेरिका जाने पर लगेगा 250 डॉलर का नया वीजा शुल्क</a> appeared first on <a href="https://bharatdes.com"></a>.</p>
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