<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>मोटापे Archives -</title>
	<atom:link href="https://bharatdes.com/tag/%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%9f%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a5%87/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link></link>
	<description></description>
	<lastBuildDate>Sat, 13 Sep 2025 03:21:56 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.0</generator>

<image>
	<url>https://bharatdes.com/wp-content/uploads/2018/08/cropped-af-themes-main-dark-1-150x150.png</url>
	<title>मोटापे Archives -</title>
	<link></link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>विश्व में अब अधिक बच्चे दुबलेपन की अपेक्षा मोटापे से पीड़ित हैं</title>
		<link>https://bharatdes.com/more-children-in-the-world-are-now-obese-than-thin/</link>
					<comments>https://bharatdes.com/more-children-in-the-world-are-now-obese-than-thin/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Sonu Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 13 Sep 2025 03:21:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[लाइफ स्टाइल]]></category>
		<category><![CDATA[दुबलेपन]]></category>
		<category><![CDATA[नई रिपोर्ट]]></category>
		<category><![CDATA[बच्चे]]></category>
		<category><![CDATA[मोटापे]]></category>
		<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://bharatdes.com/?p=9612</guid>

					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 13 सितम्बर : दुनिया में पहली बार बच्चों में दुबलेपन की बजाय मोटापे की...</p>
<p>The post <a href="https://bharatdes.com/more-children-in-the-world-are-now-obese-than-thin/">विश्व में अब अधिक बच्चे दुबलेपन की अपेक्षा मोटापे से पीड़ित हैं</a> appeared first on <a href="https://bharatdes.com"></a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>नई दिल्ली, 13 सितम्बर :</strong> दुनिया में पहली बार बच्चों में दुबलेपन की बजाय मोटापे की समस्या बढ़ रही है। यूनिसेफ की एक नई रिपोर्ट में आगाह किया गया है कि बच्चों के आहार में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड जंक फूड हावी हो रहा है, जिससे उनके स्वास्थ्य और विकास को गंभीर खतरा है। रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में लगभग 18.8 करोड़ बच्चे, यानी हर 10 में से एक बच्चा मोटापे का शिकार है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>अति-प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ बच्चों के लिए घातक हैं:</strong>&nbsp;यूनिसेफ की एक रिपोर्ट बताती है कि मोटापा बच्चों में हृदय रोग, मधुमेह और कैंसर के खतरे को बढ़ा रहा है। पैकेज्ड स्नैक्स, मीठे पेय पदार्थ, बिस्कुट, केक और रेडी-टू-ईट जैसे अति-प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ बच्चों के आहार में प्रमुखता से शामिल हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इन खाद्य पदार्थों में चीनी, वसा और नमक की मात्रा ज़्यादा होती है और इन्हें औद्योगिक प्रक्रियाओं से गुज़ारा जाता है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि स्कूल और बाज़ार जंक फ़ूड से भरे पड़े हैं और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर इनका विपणन बच्चों और अभिभावकों को निशाना बनाकर किया जा रहा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यूनिसेफ ने सरकारों से जंक फूड पर लेबल लगाने और उस पर कर लगाने, स्कूलों में इसकी बिक्री और विज्ञापन पर प्रतिबंध लगाने, और गरीब परिवारों को स्वस्थ आहार उपलब्ध कराने के लिए बेहतर योजनाएँ बनाने का आग्रह किया है। रिपोर्ट में स्कूलों में जंक फूड की बिक्री और वितरण पर प्रतिबंध लगाने के मेक्सिको के कदम की भी सराहना की गई है।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>5 से 19 वर्ष की आयु के 9.2 प्रतिशत बच्चे कम वजन के हैं</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">यूनिसेफ की कार्यकारी निदेशक कैथरीन रसेल ने रिपोर्ट के बारे में कहा कि जब हम कुपोषण की बात करते हैं, तो हमें अब केवल दुबले-पतले बच्चों की ही नहीं, बल्कि मोटापे से जूझ रहे बच्चों की भी चिंता करनी होगी। जंक फूड अब फलों, सब्जियों और प्रोटीन की जगह ले रहा है, जबकि बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए उचित पोषण बेहद जरूरी है। रिपोर्ट बताती है कि 5 से 19 साल के 9.2 फीसदी बच्चे दुबले-पतले हैं, जबकि 9.4 फीसदी मोटे हैं। </p>



<p class="wp-block-paragraph">साल 2000 में जहां करीब 13 फीसदी बच्चे दुबले-पतले और सिर्फ 3 फीसदी मोटे थे, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। मोटापा अब सभी क्षेत्रों में कुपोषण से भी बड़ा खतरा बन गया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>इन देशों में समस्या गंभीर है</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">प्रशांत द्वीप समूह &#8211; न्यूज़ीलैंड और कुक द्वीप समूह में 5 से 19 वर्ष की आयु के बच्चों में मोटापे की दर सबसे ज़्यादा है। तीनों समृद्ध देशों &#8211; चिली, अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात &#8211; में भी स्थिति गंभीर है। इन देशों में, चिली में मोटापे की दर 27 प्रतिशत और अमेरिका तथा संयुक्त अरब अमीरात में 21 प्रतिशत है। ब्रिटेन में, बच्चों में मोटापे की दर 2000 में 9 प्रतिशत थी, जो अब 2022 में बढ़कर 11 प्रतिशत हो गई है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">केन्या में, पिछले 20 सालों में मोटी लड़कियों की संख्या दोगुनी होकर 13 प्रतिशत हो गई है। दक्षिण अफ्रीका में, आठ में से एक बच्चा मोटापे से ग्रस्त है, जबकि चार में से एक बच्चा बौना है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यह भी देखें : <a href="https://bharatdes.com/prepare-children-for-the-outside-world-teach-them-to-identify-dangerous-people/">बच्चों को बाहरी दुनिया के लिए तैयार करें, खतरनाक लोगों की पहचान करना सिखाएं</a></p>
<p>The post <a href="https://bharatdes.com/more-children-in-the-world-are-now-obese-than-thin/">विश्व में अब अधिक बच्चे दुबलेपन की अपेक्षा मोटापे से पीड़ित हैं</a> appeared first on <a href="https://bharatdes.com"></a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://bharatdes.com/more-children-in-the-world-are-now-obese-than-thin/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आपका बच्चा भी हो रहा है मोटापे का शिकार तो आपको ध्यान देना चाहिए यहां</title>
		<link>https://bharatdes.com/if-your-child-is-also-becoming-a-victim-of-obesity-then-you-should-pay-attention-here/</link>
					<comments>https://bharatdes.com/if-your-child-is-also-becoming-a-victim-of-obesity-then-you-should-pay-attention-here/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Sonu Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 31 May 2025 07:47:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[लाइफ स्टाइल]]></category>
		<category><![CDATA[डब्ल्यूएचओ]]></category>
		<category><![CDATA[बच्चा]]></category>
		<category><![CDATA[मोटापे]]></category>
		<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://bharatdes.com/?p=4462</guid>

					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली &#8211; मोटापा एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है, जो अब बच्चों...</p>
<p>The post <a href="https://bharatdes.com/if-your-child-is-also-becoming-a-victim-of-obesity-then-you-should-pay-attention-here/">आपका बच्चा भी हो रहा है मोटापे का शिकार तो आपको ध्यान देना चाहिए यहां</a> appeared first on <a href="https://bharatdes.com"></a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>नई दिल्ली &#8211;</strong> मोटापा एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है, जो अब बच्चों में भी तेजी से बढ़ती जा रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में बच्चों में मोटापे के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। इसके पीछे मुख्य कारणों में खेलकूद की कमी, जंक फूड का अत्यधिक सेवन और अस्वास्थ्यकर जीवनशैली शामिल हैं। यह चिंताजनक है कि मोटापे के कारण बच्चों में छोटी उम्र में ही मधुमेह, हृदय रोग और उच्च रक्तचाप जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं विकसित हो सकती हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इसलिए, बच्चों में मोटापे को नियंत्रित करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। माता-पिता और शिक्षकों को चाहिए कि वे बच्चों को स्वस्थ आहार के प्रति जागरूक करें, नियमित शारीरिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करें और उन्हें संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करें।</p>



<h3 class="wp-block-heading">स्वस्थ भोजन खाना</h3>



<p class="wp-block-paragraph">बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए पौष्टिक भोजन आवश्यक है। उनके आहार में हरी सब्जियां, ताजे फल, साबुत अनाज, सूखे मेवे, बीज, दूध और डेयरी उत्पाद सही मात्रा में शामिल करें, ताकि उनके शरीर को सभी आवश्यक पोषक तत्व मिल सकें। इसके अतिरिक्त, यह सुनिश्चित करें कि वे जंक फूड, अति-प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ और चीनी युक्त खाद्य पदार्थ जितना संभव हो उतना कम खाएं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">खेलने के लिए प्रोत्साहित करें</h3>



<p class="wp-block-paragraph">आजकल बच्चे खेलने के लिए बहुत कम बाहर जाते हैं। उनका अधिकांश समय टीवी, मोबाइल या कंप्यूटर पर बीतता है। न केवल पढ़ाई के लिए, बल्कि अब वे इन गैजेट्स पर गेम भी खेलते हैं। इसके कारण उनकी शारीरिक गतिविधियां काफी कम हो गई हैं। इसलिए अपने बच्चों को पार्क में जाकर फुटबॉल, क्रिकेट, बैडमिंटन जैसे खेल खेलने के लिए प्रोत्साहित करें।</p>



<h3 class="wp-block-heading">उचित नींद लेना भी महत्वपूर्ण है</h3>



<p class="wp-block-paragraph">नींद की कमी से भी वजन बढ़ सकता है। दरअसल, जब हम पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं तो शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन बढ़ जाता है। इसके कारण शरीर में सूजन आने लगती है, जिससे वजन बढऩे लगता है। इसलिए बच्चों के सोने का समय निर्धारित करें ताकि उन्हें प्रतिदिन कम से कम 8-9 घंटे की नींद मिल सके।</p>



<h3 class="wp-block-heading">स्क्रीन पर बिताया गया समय कम करें</h3>



<p class="wp-block-paragraph">बच्चों में मोटापे को रोकने के लिए स्क्रीन टाइम को कम करना भी आवश्यक है। अपने बच्चे को आधे घंटे से अधिक समय तक फोन का उपयोग न करने दें। स्कूल के होमवर्क के लिए कंप्यूटर का उपयोग आवश्यक हो सकता है, लेकिन मनोरंजन के लिए उनमें बोर्ड गेम और किताबें पढऩे जैसी आदतें डालें।</p>



<h3 class="wp-block-heading">परिवार का सहयोग भी जरूरी है</h3>



<p class="wp-block-paragraph">बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए परिवार का सहयोग लेना भी महत्वपूर्ण है। दरअसल, बच्चे घर के बड़ों की तरह व्यवहार करते हैं। इसलिए परिवार के बुजुर्गों को भी स्वस्थ भोजन करना चाहिए और रोजाना व्यायाम करना चाहिए, ताकि बच्चे भी उन्हें देखकर यही सीख सकें।</p>



<p class="wp-block-paragraph">बच्चों में कम उम्र से ही ये आदतें डालने से न केवल उन्हें मोटापे से बचाया जा सकेगा, बल्कि उनका शारीरिक और मानसिक विकास भी बेहतर होगा।</p>
<p>The post <a href="https://bharatdes.com/if-your-child-is-also-becoming-a-victim-of-obesity-then-you-should-pay-attention-here/">आपका बच्चा भी हो रहा है मोटापे का शिकार तो आपको ध्यान देना चाहिए यहां</a> appeared first on <a href="https://bharatdes.com"></a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://bharatdes.com/if-your-child-is-also-becoming-a-victim-of-obesity-then-you-should-pay-attention-here/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
