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	<title>स्वास्थ्य Archives -</title>
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	<title>स्वास्थ्य Archives -</title>
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		<title>सूखी ठंड और प्रदूषण ने बढ़ाई चिंता, फसलों और स्वास्थ्य पर दोहरा असर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Sonu Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 23 Dec 2025 07:38:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदूषण]]></category>
		<category><![CDATA[फसलों]]></category>
		<category><![CDATA[सूखी ठंड]]></category>
		<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>गुरदासपुर, 23 दिसम्बर : गुरदासपुर ज़िले में इन दिनों सूखी और हल्की ठंड का दौर...</p>
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<p class="wp-block-paragraph"><strong>गुरदासपुर, 23 दिसम्बर :</strong> गुरदासपुर ज़िले में इन दिनों सूखी और हल्की ठंड का दौर जारी है। लंबे समय से बारिश न होने के कारण सर्दी पूरी तरह से सक्रिय नहीं हो पाई है, हालांकि तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। बारिश की कमी से वातावरण में धूल और मिट्टी के कण बढ़ गए हैं, जिससे हवा की गुणवत्ता गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">ज़िले में सुबह के समय एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 200 से ऊपर दर्ज किया गया, जबकि दोपहर बाद यह करीब 150 के आसपास रहा। ये दोनों स्तर मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माने जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार बारिश न होने से पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसे बारीक कण हवा में अधिक मात्रा में बने रहते हैं, जिससे प्रदूषण बढ़ रहा है।क्षेत्र में औसत दिन का तापमान करीब 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जबकि रात का तापमान 8 से 9 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा रहा है। </p>



<p class="wp-block-paragraph">आने वाले पूरे सप्ताह तापमान इसी के आसपास रहने की संभावना है और <strong>घनी धुंध</strong> की स्थिति भी बन सकती है। मौसम विभाग के अनुसार निकट भविष्य में बारिश की संभावना कम है, हालांकि बादल छाए रहने से तापमान में और गिरावट आ सकती है।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>फसलों पर पड़ रहा असर</strong></h4>



<p class="wp-block-paragraph">बारिश की कमी के कारण किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए <strong>ट्यूबवेल और नहरी पानी</strong> पर निर्भर रहना पड़ रहा है। खासकर गेहूं, सरसों और अन्य रबी फसलों को पर्याप्त नमी की आवश्यकता होती है। सूखे मौसम से मिट्टी की नमी कम हो रही है, जिससे फसलों की शुरुआती बढ़वार प्रभावित हो सकती है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे आवश्यकतानुसार ही सिंचाई करें और अधिक पानी देने से बचें, ताकि मिट्टी की संरचना खराब न हो और फसलों को नुकसान न पहुंचे।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>मानव स्वास्थ्य पर प्रभाव</strong></h4>



<p class="wp-block-paragraph">बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों में <strong>आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत, खांसी, जुकाम और अस्थमा</strong> जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। बच्चे, बुजुर्ग और सांस की बीमारियों से पीड़ित लोग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक खराब हवा में रहने से <strong>दिल और फेफड़ों की बीमारियों का खतरा</strong> भी बढ़ जाता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यह भी देखें : <a href="https://bharatdes.com/traffic-has-started-on-the-mohali-ring-road-providing-great-relief-to-the-people/">मोहाली रिंग रोड पर यातायात शुरू, लोगों को मिली बड़ी राहत</a></p>
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		<title>विश्व में अब अधिक बच्चे दुबलेपन की अपेक्षा मोटापे से पीड़ित हैं</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Sonu Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 13 Sep 2025 03:21:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[लाइफ स्टाइल]]></category>
		<category><![CDATA[दुबलेपन]]></category>
		<category><![CDATA[नई रिपोर्ट]]></category>
		<category><![CDATA[बच्चे]]></category>
		<category><![CDATA[मोटापे]]></category>
		<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 13 सितम्बर : दुनिया में पहली बार बच्चों में दुबलेपन की बजाय मोटापे की...</p>
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<p class="wp-block-paragraph"><strong>नई दिल्ली, 13 सितम्बर :</strong> दुनिया में पहली बार बच्चों में दुबलेपन की बजाय मोटापे की समस्या बढ़ रही है। यूनिसेफ की एक नई रिपोर्ट में आगाह किया गया है कि बच्चों के आहार में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड जंक फूड हावी हो रहा है, जिससे उनके स्वास्थ्य और विकास को गंभीर खतरा है। रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में लगभग 18.8 करोड़ बच्चे, यानी हर 10 में से एक बच्चा मोटापे का शिकार है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>अति-प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ बच्चों के लिए घातक हैं:</strong>&nbsp;यूनिसेफ की एक रिपोर्ट बताती है कि मोटापा बच्चों में हृदय रोग, मधुमेह और कैंसर के खतरे को बढ़ा रहा है। पैकेज्ड स्नैक्स, मीठे पेय पदार्थ, बिस्कुट, केक और रेडी-टू-ईट जैसे अति-प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ बच्चों के आहार में प्रमुखता से शामिल हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इन खाद्य पदार्थों में चीनी, वसा और नमक की मात्रा ज़्यादा होती है और इन्हें औद्योगिक प्रक्रियाओं से गुज़ारा जाता है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि स्कूल और बाज़ार जंक फ़ूड से भरे पड़े हैं और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर इनका विपणन बच्चों और अभिभावकों को निशाना बनाकर किया जा रहा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यूनिसेफ ने सरकारों से जंक फूड पर लेबल लगाने और उस पर कर लगाने, स्कूलों में इसकी बिक्री और विज्ञापन पर प्रतिबंध लगाने, और गरीब परिवारों को स्वस्थ आहार उपलब्ध कराने के लिए बेहतर योजनाएँ बनाने का आग्रह किया है। रिपोर्ट में स्कूलों में जंक फूड की बिक्री और वितरण पर प्रतिबंध लगाने के मेक्सिको के कदम की भी सराहना की गई है।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>5 से 19 वर्ष की आयु के 9.2 प्रतिशत बच्चे कम वजन के हैं</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">यूनिसेफ की कार्यकारी निदेशक कैथरीन रसेल ने रिपोर्ट के बारे में कहा कि जब हम कुपोषण की बात करते हैं, तो हमें अब केवल दुबले-पतले बच्चों की ही नहीं, बल्कि मोटापे से जूझ रहे बच्चों की भी चिंता करनी होगी। जंक फूड अब फलों, सब्जियों और प्रोटीन की जगह ले रहा है, जबकि बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए उचित पोषण बेहद जरूरी है। रिपोर्ट बताती है कि 5 से 19 साल के 9.2 फीसदी बच्चे दुबले-पतले हैं, जबकि 9.4 फीसदी मोटे हैं। </p>



<p class="wp-block-paragraph">साल 2000 में जहां करीब 13 फीसदी बच्चे दुबले-पतले और सिर्फ 3 फीसदी मोटे थे, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। मोटापा अब सभी क्षेत्रों में कुपोषण से भी बड़ा खतरा बन गया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>इन देशों में समस्या गंभीर है</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">प्रशांत द्वीप समूह &#8211; न्यूज़ीलैंड और कुक द्वीप समूह में 5 से 19 वर्ष की आयु के बच्चों में मोटापे की दर सबसे ज़्यादा है। तीनों समृद्ध देशों &#8211; चिली, अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात &#8211; में भी स्थिति गंभीर है। इन देशों में, चिली में मोटापे की दर 27 प्रतिशत और अमेरिका तथा संयुक्त अरब अमीरात में 21 प्रतिशत है। ब्रिटेन में, बच्चों में मोटापे की दर 2000 में 9 प्रतिशत थी, जो अब 2022 में बढ़कर 11 प्रतिशत हो गई है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">केन्या में, पिछले 20 सालों में मोटी लड़कियों की संख्या दोगुनी होकर 13 प्रतिशत हो गई है। दक्षिण अफ्रीका में, आठ में से एक बच्चा मोटापे से ग्रस्त है, जबकि चार में से एक बच्चा बौना है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यह भी देखें : <a href="https://bharatdes.com/prepare-children-for-the-outside-world-teach-them-to-identify-dangerous-people/">बच्चों को बाहरी दुनिया के लिए तैयार करें, खतरनाक लोगों की पहचान करना सिखाएं</a></p>
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		<title>आपका बच्चा भी हो रहा है मोटापे का शिकार तो आपको ध्यान देना चाहिए यहां</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Sonu Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 31 May 2025 07:47:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[लाइफ स्टाइल]]></category>
		<category><![CDATA[डब्ल्यूएचओ]]></category>
		<category><![CDATA[बच्चा]]></category>
		<category><![CDATA[मोटापे]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली &#8211; मोटापा एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है, जो अब बच्चों...</p>
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<p class="wp-block-paragraph"><strong>नई दिल्ली &#8211;</strong> मोटापा एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है, जो अब बच्चों में भी तेजी से बढ़ती जा रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में बच्चों में मोटापे के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। इसके पीछे मुख्य कारणों में खेलकूद की कमी, जंक फूड का अत्यधिक सेवन और अस्वास्थ्यकर जीवनशैली शामिल हैं। यह चिंताजनक है कि मोटापे के कारण बच्चों में छोटी उम्र में ही मधुमेह, हृदय रोग और उच्च रक्तचाप जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं विकसित हो सकती हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इसलिए, बच्चों में मोटापे को नियंत्रित करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। माता-पिता और शिक्षकों को चाहिए कि वे बच्चों को स्वस्थ आहार के प्रति जागरूक करें, नियमित शारीरिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करें और उन्हें संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करें।</p>



<h3 class="wp-block-heading">स्वस्थ भोजन खाना</h3>



<p class="wp-block-paragraph">बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए पौष्टिक भोजन आवश्यक है। उनके आहार में हरी सब्जियां, ताजे फल, साबुत अनाज, सूखे मेवे, बीज, दूध और डेयरी उत्पाद सही मात्रा में शामिल करें, ताकि उनके शरीर को सभी आवश्यक पोषक तत्व मिल सकें। इसके अतिरिक्त, यह सुनिश्चित करें कि वे जंक फूड, अति-प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ और चीनी युक्त खाद्य पदार्थ जितना संभव हो उतना कम खाएं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">खेलने के लिए प्रोत्साहित करें</h3>



<p class="wp-block-paragraph">आजकल बच्चे खेलने के लिए बहुत कम बाहर जाते हैं। उनका अधिकांश समय टीवी, मोबाइल या कंप्यूटर पर बीतता है। न केवल पढ़ाई के लिए, बल्कि अब वे इन गैजेट्स पर गेम भी खेलते हैं। इसके कारण उनकी शारीरिक गतिविधियां काफी कम हो गई हैं। इसलिए अपने बच्चों को पार्क में जाकर फुटबॉल, क्रिकेट, बैडमिंटन जैसे खेल खेलने के लिए प्रोत्साहित करें।</p>



<h3 class="wp-block-heading">उचित नींद लेना भी महत्वपूर्ण है</h3>



<p class="wp-block-paragraph">नींद की कमी से भी वजन बढ़ सकता है। दरअसल, जब हम पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं तो शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन बढ़ जाता है। इसके कारण शरीर में सूजन आने लगती है, जिससे वजन बढऩे लगता है। इसलिए बच्चों के सोने का समय निर्धारित करें ताकि उन्हें प्रतिदिन कम से कम 8-9 घंटे की नींद मिल सके।</p>



<h3 class="wp-block-heading">स्क्रीन पर बिताया गया समय कम करें</h3>



<p class="wp-block-paragraph">बच्चों में मोटापे को रोकने के लिए स्क्रीन टाइम को कम करना भी आवश्यक है। अपने बच्चे को आधे घंटे से अधिक समय तक फोन का उपयोग न करने दें। स्कूल के होमवर्क के लिए कंप्यूटर का उपयोग आवश्यक हो सकता है, लेकिन मनोरंजन के लिए उनमें बोर्ड गेम और किताबें पढऩे जैसी आदतें डालें।</p>



<h3 class="wp-block-heading">परिवार का सहयोग भी जरूरी है</h3>



<p class="wp-block-paragraph">बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए परिवार का सहयोग लेना भी महत्वपूर्ण है। दरअसल, बच्चे घर के बड़ों की तरह व्यवहार करते हैं। इसलिए परिवार के बुजुर्गों को भी स्वस्थ भोजन करना चाहिए और रोजाना व्यायाम करना चाहिए, ताकि बच्चे भी उन्हें देखकर यही सीख सकें।</p>



<p class="wp-block-paragraph">बच्चों में कम उम्र से ही ये आदतें डालने से न केवल उन्हें मोटापे से बचाया जा सकेगा, बल्कि उनका शारीरिक और मानसिक विकास भी बेहतर होगा।</p>
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		<title>अमरूद को अपनी डाइट में शामिल करें, कई तरह के देगा लाभ</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Sonu Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 11 Apr 2025 05:58:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[लाइफ स्टाइल]]></category>
		<category><![CDATA[अमरूद]]></category>
		<category><![CDATA[डाइट]]></category>
		<category><![CDATA[लाभ]]></category>
		<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 11 अप्रैल : गर्मियों में कई ऐसे फल उपलब्ध होते हैं जो न...</p>
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<p class="wp-block-paragraph"><strong>नई दिल्ली, 11 अप्रैल :</strong> गर्मियों में कई ऐसे फल उपलब्ध होते हैं जो न केवल स्वादिष्ट होते हैं बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होते हैं। अमरूद भी इन फलों में से एक है। अमरूद एक ऐसा फल है जो फाइबर, फोलेट, विटामिन ए, सी, पोटेशियम, आयरन और मैंगनीज से भरपूर होता है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है, बालों को झडऩे से रोकने में मदद करता है और यह फल आंखों के स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद माना जाता है। इसके साथ ही यह मधुमेह से भी बचाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर गर्मियों में अमरूद को डाइट में शामिल करना है तो किन तरीकों से किया जाए? आज हम आपको नाश्ते में अमरूद को अपने आहार में शामिल करने के पांच तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं। हम आपको इनके फायदों के बारे में भी बताएंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>अमरूद स्मूदी :</strong> यदि आप जल्दी में हैं और स्वस्थ नाश्ता चाहते हैं तो अमरूद स्मूदी एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। पके अमरूद के टुकड़ों को दही या दूध, थोड़े से शहद और चिया बीज के साथ मिक्सर में पीस लें। यह स्मूदी न केवल स्वादिष्ट है बल्कि फाइबर से भी भरपूर है और आपको लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराती है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>अमरूद सलाद :</strong> अमरूद को ककड़ी, टमाटर, अनार और नींबू के रस के साथ मिलाकर स्वादिष्ट सलाद बनाया जा सकता है। इसमें काला नमक और भुना जीरा भी मिला लें। यह न केवल पाचन तंत्र को मजबूत रखता है बल्कि पूरे दिन शरीर को ऊर्जा भी प्रदान करता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>अमरूद चाट :</strong> अमरूद चाट भी नाश्ते के लिए एक अच्छा विकल्प है। इसे बनाना बहुत आसान है. आप अमरूद को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। उस पर नमक, चाट मसाला, नींबू और मिर्च पाउडर छिडक़ें। इसका स्वाद लाजवाब होगा और यह स्वास्थ्यवर्धक भी होगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>अमरूद के साथ ओट्स : </strong>ओट्स को दूध या पानी में पकाएं और ऊपर से कटा हुआ अमरूद और थोड़ा शहद या सूखे मेवे डालें। यह संयोजन फाइबर और पोषण से भरपूर है। इससे आपका पेट लंबे समय तक भरा रहता है। यह आपको अधिक खाने से बचाता है। आपका वजन भी तेजी से घटता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>अमरूद और टोस्ट : </strong>अगर आप कुछ अलग ट्राई करना चाहते हैं तो अमरूद टोस्ट बना सकते हैं। इसके लिए ब्राउन ब्रेड टोस्ट पर अमरूद के पतले स्लाइस रखें और ऊपर से पीनट बटर या शहद डालें। यह तुरंत तैयार है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>अमरूद खाने के फायदे :</strong> अमरूद में विटामिन सी अच्छी मात्रा में होता है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक है।<br>अमरूद में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है।<br>अमरूद मधुमेह रोगियों के लिए भी फायदेमंद है। यह रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करता है।<br>इसमें मौजूद पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट दिल को स्वस्थ रखते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यह भी देखें :<a href="https://bharatdes.com/drink-rice-porridge-to-keep-your-stomach-cool-and-cool/">https://bharatdes.com/drink-rice-porridge-to-keep-your-stomach-cool-and-cool/</a></p>
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