नई दिल्ली, 19 फरवरी : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को जानकारी दी कि उसने चंडीगढ़ स्थित पीएसीएल लिमिटेड (परल ग्रुप) के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की 247 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क करने का आदेश जारी किया है। एजेंसी के अनुसार यह अब तक का सबसे बड़ा सिंगल अटैचमेंट (कुर्की) आदेश है।
48 हजार करोड़ की कथित पोंजी योजना का आरोप
ईडी के अनुसार, परल ग्रुप पर करीब 48 हजार करोड़ रुपये की कथित पोंजी योजना चलाकर निवेशकों से धन जुटाने का आरोप है। जांच में सामने आया है कि निवेशकों से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल विभिन्न अचल संपत्तियां खरीदने में किया गया।
पंजाब के इन क्षेत्रों में स्थित हैं संपत्तियां
ईडी द्वारा धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अस्थायी रूप से कुर्क की गई संपत्तियां पंजाब के एसएएस नगर (मोहाली), रूपनगर और जीरकपुर में स्थित हैं। कुर्क की गई 247 संपत्तियों की पहचान निवेशकों के पैसों से खरीदी गई परिसंपत्तियों के रूप में की गई है, जिन्हें अपराध से अर्जित आय का हिस्सा माना गया है। इनकी कुल अनुमानित कीमत 10,021.46 करोड़ रुपये आंकी गई है। ईडी अधिकारियों ने बताया कि संपत्तियों की संख्या और उनके मूल्य को देखते हुए यह एजेंसी द्वारा जारी किया गया संभवतः अब तक का सबसे बड़ा एकल कुर्की आदेश है।
2014 के सीबीआई केस से जुड़ी है जांच
ईडी की यह कार्रवाई फरवरी 2014 में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज मामले से संबंधित है। यह मामला पीएसीएल लिमिटेड, उसके दिवंगत संस्थापक निर्मल भंगू और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया था। ईडी ने कहा कि मामले में आगे की जांच जारी है और निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
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