चंडीगढ़, 8 नवम्बर : नेक्सस एलांते मॉल के मालिक और डेवलपर सीएसजे प्राइवेट लिमिटेड ने चंडीगढ़ नगर निगम (एमसी) द्वारा जारी संपत्ति कर और अग्नि उपकर की मांग के नोटिस को पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। राजस्व ने 1 अप्रैल, 2018 की संपत्ति कर और अग्नि उपकर की मांग के नोटिस और 4 अगस्त, 2025 के अपीलीय आदेश को चुनौती दी है, जिसमें वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए कर की मांग को बरकरार रखा गया था।
गैर-राजस्व वाले क्षेत्रों पर कर नहीं लगाया जा सकता
याचिका में कहा गया है कि नगर निगम ने कर की गणना करते समय सार्वजनिक परिवहन मार्गों, सेवा क्षेत्रों, पार्किंग के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले बेसमेंट, लिफ्ट, सीढ़ियों और शौचालयों जैसे क्षेत्रों को मॉल के कुल ‘निर्मित क्षेत्र’ में शामिल कर लिया है। मॉल का कहना है कि ये क्षेत्र ‘स्व-मूल्यांकन योजना’ और कानून के विरुद्ध हैं, क्योंकि गैर-राजस्व वाले क्षेत्रों पर कर नहीं लगाया जा सकता।
राजस्व विभाग ने वर्ष 2018-19 के लिए 58,45,439 रुपये की माँगी गई राशि विरोध स्वरूप जमा कर दी थी। फर्म ने माँग की है कि माँग नोटिस और अपीलीय आदेश को रद्द किया जाए और अतिरिक्त कर व उपकर को ब्याज सहित वापस करने के निर्देश दिए जाएँ। न्यायमूर्ति दीपक सिब्बल और न्यायमूर्ति लपिता बनर्जी ने यूटी प्रशासन और चंडीगढ़ नगर निगम को नोटिस जारी किए हैं। मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी, 2026 को तय की गई है।
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