January 9, 2026

बुड्ढा दरिया प्रदूषण मामले में अधिकारियों को तलब किया गया

बुड्ढा दरिया प्रदूषण मामले में...

लुधियाना, 13 नवम्बर : बुड्ढा दरिया में गिर रहे गंदे पानी को रोकने में नाकाम रहे अधिकारियों को राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने उसी जगह तलब किया जहाँ से गंदा पानी बुड्ढा दरिया में डाला जा रहा था। राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल पिछले एक साल से बुड्ढा दरिया को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए कार सेवा चला रहे हैं। नगर निगम, सीवरेज बोर्ड और ‘खिलाड़ी’ संस्था ने 7 नवंबर को हुई बैठक में दावा किया था कि गऊघाट पंपिंग स्टेशन लगातार चल रहा है और उसका गंदा पानी 225 एमएलडी प्लांट में ट्रीटमेंट के लिए पहुँच रहा है।

जहरीला पानी सप्लाई के लिए नगर निगम और सीवरेज बोर्ड के अधिकारी जिम्मेदार

बैठक के बाद राज्यसभा सदस्य अचानक गऊघाट पहुंचे और देखा कि यहां से पानी उठाने वाली सभी मोटरें बंद थीं और नाले का गंदा और जहरीला पानी बुड्ढा दरिया में जा रहा था। इसके बाद संत सीचेवाल ने नगर निगम और सीवरेज बोर्ड के जिम्मेदार अधिकारियों को मौके पर बुलाकर फटकार लगाई। उन्होंने साफ कहा कि मालवा और राजस्थान के लोगों को गंदा और जहरीला पानी सप्लाई करने के लिए नगर निगम और सीवरेज बोर्ड के अधिकारी जिम्मेदार हैं।

बुड्ढा दरिया मामले से नाराज संत सीचेवाल ने लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर और नगर निगम कमिश्नर पर आरोप लगाया कि प्रशासन के अधिकारी सरकार को बदनाम करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बैठक को गुमराह करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी अधिकारी बुड्ढा दरिया को प्रदूषण मुक्त करने के काम में बाधा न बन सके। सीवरेज बोर्ड और नगर निगम के अधिकारी एक-दूसरे के पीछे छिपे हुए हैं।

संत चीचेवाल की सख्ती पर अधिकारियों ने मानी गलती

उन्होंने दोनों पक्षों को मीडिया के सामने पेश किया और पानी में जहर मिलाने के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि हम बुड्ढा दरिया को प्रदूषण मुक्त करने की मुहिम को नाकाम करने वालों की मिलीभगत को भी उजागर करेंगे।

सीवरेज बोर्ड और नगर निगम के अधिकारी पहले तो एक-दूसरे पर दोष मढ़ते रहे, लेकिन राज्यसभा सदस्य सीचेवाल की सख्ती के आगे दोनों विभागों की एक न चली और आखिरकार उन्हें अपनी गलती मानकर उसे सुधारने के लिए काम शुरू करना पड़ा।

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