ढाका, 17 नवम्बर : बांग्लादेशी ट्रब्यूनल आज देश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना (78) के खिलाफ एक मामले में अपना फैसला सुनाएगा। हसीना पर (उनकी अनुपस्थिति में) पिछले साल हुए छात्र-नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों के दौरान मानवता के खिलाफ कथित अपराधों के लिए मुकदमा चलाया जा रहा है, जिसके कारण उनकी सरकार गिर गई थी और उन्हें देश छोड़कर भागना पड़ा था।
फैसले से पहले उपद्रवियों को गोली मारने के आदेश
इस बीच, फैसले से पहले एहतियात के तौर पर पूरे बांग्लादेश में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। राष्ट्रीय राजधानी में पुलिस को हिंसक प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने का आदेश दिया गया है। ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (डीएमपी) आयुक्त शेख मोहम्मद सज्जाद अली ने न्यायाधिकरण के फैसले से पहले रविवार शाम को आगजनी, विस्फोट या पुलिस व नागरिकों को नुकसान पहुँचाने की कोशिश में शामिल किसी भी व्यक्ति को देखते ही गोली मारने का आदेश दिया है।
हसीना के दो सहयोगियों पर भी फैसला
इस बीच, अब भंग हो चुकी अवामी लीग ने फैसले से पहले दो दिन के बंद का आह्वान किया है। आईसीटी-बीडी परिसर के आसपास सेना, बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश के जवान और दंगा पुलिस तैनात की गई है। हिंसा की आशंका के चलते राजधानी की ज़्यादातर सड़कें सुनसान हैं।
सरकारी वकील मुनव्वर हुसैन तमीम के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय अपराध ट्रब्यूनल (ICT-BD) सुबह 11 बजे के आसपास अपना फैसला सुनाएगा। ट्रब्यूनल हसीना के दो सहयोगियों, पूर्व गृह मंत्री असद उज ज़मान खान कमाल और पूर्व पुलिस प्रमुख चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून के खिलाफ भी इसी तरह के आरोपों में अपना फैसला सुनाएगा। अभियोजन पक्ष ने आरोपियों के लिए मृत्युदंड की मांग की है।
यह भी देखें : अमेरिका में ‘एक सेंट’ सिक्के का उत्पादन 232 वर्षों के बाद बंद

More Stories
S-400 एयर डिफेंस सिस्टम पर भारत के दांव पर ब्रिटिश एक्सपर्ट की चेतावनी
रशियन तेल की आढ़ में भारत पर 500 फीसदी टैरिफ लगा सकता है ट्रंप
दस्तावाजों में खुलासा : भारत से बचाने के लिए अमेरिका समक्ष गिड़गिड़ाया पाकिस्तान