श्रीनगर, 19 नवंबर : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आज श्रीनगर में गुरुद्वारा छेवीं पातशाही में श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर राज्य सरकार द्वारा आयोजित कीर्तन दरबार में भाग लिया। दोनों नेताओं ने गुरु साहिब के मानवता और धार्मिक स्वतंत्रता के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान को याद किया और संगत को संबोधित किया।
केजरीवाल ने बताया अद्वितीय बलिदान
‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने उपस्थित लोगों से गुरु तेग बहादुर जी के प्रेम, धर्मनिरपेक्षता, सहनशीलता, धार्मिक स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के सार्वभौमिक संदेश का पालन करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि नौवें सिख गुरु साहिब ने मानवता के धार्मिक अधिकारों की रक्षा के लिए अद्वितीय शहादत दी और वह दुनिया के पहले ऐसे शहीद के रूप में जाने जाते हैं, जिन्होंने मानवाधिकारों के लिए अपना जीवन कुर्बान किया। केजरीवाल ने इस आयोजन को गुरु साहिब के संदेश को फैलाने का सार्थक अवसर बताया और कहा कि उनका जीवन और दर्शन विश्व के लिए प्रकाश स्तंभ बना हुआ है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि 1675 में दिल्ली के चांदनी चौक में गुरु तेग बहादुर जी का बलिदान विश्व इतिहास में बेमिसाल है, जो शासकों के अत्याचार के आगे न झुकने और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए शहादत का मार्ग चुनने का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री मान ने बलिदान को बताया इतिहास का नया मोड़
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने संबोधन में कहा कि हक, सत्य और धर्म की रक्षा के लिए गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान ने भारत के इतिहास को नया मोड़ दिया। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब का बलिदान व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि समूची मानवता की भलाई, सत्य और न्याय के लिए था।
मान ने कश्मीरी पंडितों के नेता पंडित कृपा राम जी को भी श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनकी अगुवाई में कश्मीरी पंडितों ने अपने धर्म की रक्षा हेतु गुरु तेग बहादुर जी से मदद मांगी थी। उन्होंने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि कश्मीरी पंडित भी श्रीनगर से निकाले जा रहे नगर कीर्तन में शामिल होंगे, जो भाईचारे और आपसी सद्भाव का सुंदर प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार इस महान अवसर को श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि गुरु जी के शांति, सद्भाव और धर्मनिरपेक्षता के आदर्शों को सहेजा जा सके। उन्होंने कहा कि नौवें गुरु साहिब की शिक्षाएँ मानवता के लिए प्रकाश स्तंभ हैं और पंजाबियों को अत्याचार के विरुद्ध लड़ने का साहस गुरु साहिबान से विरासत में मिला है।
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