January 16, 2026

12 हजार साल बाद फटा ज्वालामुखी 4300 किलोमीटर दूर दिल्ली पहुंचा

12 हजार साल बाद फटा ज्वालामुखी...

नई दिल्ली, 25 नवम्बर : इथियोपिया में ज्वालामुखी विस्फोट के बाद, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने आज शाम सभी भारतीय एयरलाइनों को बताया कि ओमान क्षेत्र में ज्वालामुखी के ऊपर राख उड़ रही है, जिससे वहाँ का वातावरण हवाई यातायात के लिए उपयुक्त नहीं है। इस वजह से कई उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।

उन्होंने बताया कि मस्कट उड़ान सूचना क्षेत्र (FIR) के ऊपर ज्वालामुखी की राख उड़ रही है। नियामक ने पुष्टि की कि टूलूज़ और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने ज्वालामुखी को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने इस मार्ग के बजाय अन्य मार्गों का उपयोग करने को कहा है।

कई उड़ाने की गई रद्द

डीजीसीए के अनुसार, एयरलाइनों को ज्वालामुखी की राख के मद्देनजर अपने संचालन नियमों की गहन समीक्षा करने और सभी संबंधित कर्मचारियों को पूरी जानकारी देने का निर्देश दिया गया है। नियामक ने ज़ोर देकर कहा कि निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर उड़ान के दौरान कोई संदिग्ध चीज़ दिखाई दे, तो तुरंत इसकी सूचना दी जानी चाहिए।

इस रूट से भारत में दाखिल हुई ज्वालामुखी

मौसम को ट्रैक करने वाले संस्थानों का कहना है कि राख का यह गुबार सबसे पहले पश्चिमी राजस्थान के ऊपर से भारत में दाखिल हुआ। इंडिया मेट स्काई वेदर अलर्ट के मुताबिक राख का बादल अब जोधपुर-जैसलमेर इलाके से भारतीय उपमहाद्वीप में आ गया है।

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