वैंकूवर, 3 दिसम्बर : कनाडा सीमा सेवा एजेंसी (सीबीएसए) के अधीक्षक और कनाडा में जन्मे तथा एबरफोर्ड निवासी संदीप सिंह सिद्धू उर्फ सनी ने भारतीय मीडिया के एक बड़े वर्ग द्वारा कथित रूप से झूठे और निराधार प्रचार के लिए ओन्टारियो की एक अदालत में भारत सरकार के खिलाफ 90 मिलियन डॉलर (550 करोड़ रुपये) का दावा दायर किया है। मीडिया ने पिछले साल उनकी तस्वीर पोस्ट की थी और उन्हें एक कट्टरपंथी आतंकवादी, खालिस्तानी समर्थक और कनाडा का सर्वाधिक वांछित भगोड़ा बताया था।
कनाडा सरकार को भी पक्ष बनाया गया
कनाडा सरकार को भी इस दावे में पक्ष बनाया गया है, क्योंकि वह विदेशी सरकार और उसके मीडिया संस्थानों द्वारा एक खास मकसद से फैलाए जा रहे निराधार दुष्प्रचार को रोकने में नाकाम रही। सिद्धू ने अपने वकील जेफरी क्रोकर के ज़रिए दायर मानहानि के मुकदमे में मानसिक रूप से प्रताड़ित और बदनाम किए जाने की पूरी कहानी बयां की है। उन्होंने कहा कि कनाडा बॉर्डर एजेंसी में उच्च पद पर रहते हुए भी उन्हें बदनाम किया गया और भगोड़ा घोषित किया गया।
उन्होंने दावा किया कि सामाजिक कलंक, उत्पीड़न और असुरक्षा के कारण उन्हें नशे की लत लग गई और कई महीनों तक वैंकूवर के एक अस्पताल में भर्ती रहने के बाद वे ठीक हो पाए। सनी ने दावे के साथ दस्तावेज़ी सबूत भी संलग्न किए हैं।
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