February 4, 2026

छात्र नेता की मौत के बाद एक बार फिर जल उठा बंगलादेश, हिंसा भडक़ी

छात्र नेता की मौत के बाद एक बार...

ढाका, 19 दिसम्बर : जुलाई विद्रोह के प्रमुख नेता शरीफ उस्मान हादी की मृत्यु के बाद से शुक्रवार से पूरे बांग्लादेश में तनाव चरम पर है। इस घटना ने देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन और हिंसा को जन्म दिया है। मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस द्वारा गुरुवार रात इंकलाब मंच के नेता हादी की मृत्यु की पुष्टि के बाद कई स्थानों पर हमले और तोड़फोड़ की खबरें आईं, हालांकि शुक्रवार सुबह हिंसा की कोई नई घटना सामने नहीं आई। हादी 12 फरवरी को होने वाले आम चुनावों में उम्मीदवार थे।

अखबारों के कार्यालयों पर हमला किया

पिछले सप्ताह ढाका के बिजोयनगर इलाके में चुनाव प्रचार के दौरान नकाबपोश हमलावरों ने उन्हें सिर में गोली मार दी थी। छह दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद सिंगापुर के एक अस्पताल में उनका निधन हो गया। गुरुवार को क्रोधित प्रदर्शनकारियों ने अखबारों के कार्यालयों पर हमला किया और बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान के आवास ’32 धानमंडी’ में तोड़फोड़ की।

रात करीब 1:30 बजे प्रदर्शनकारियों ने चटगांव स्थित सहायक भारतीय उच्चायुक्त के आवास पर ईंट-पत्थर फेंके, लेकिन किसी को जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। पुलिस ने आंसू गैस और लाठीचार्ज का प्रयोग करते हुए भीड़ को तितर-बितर किया और 12 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। वरिष्ठ अधिकारियों ने सहायक उच्चायुक्त को सुरक्षा का आश्वासन दिया है।

‘छाया नट’ के कार्यालय पर हमला

राष्ट्रीय नागरिक पार्टी (एनसीपी) के समर्थकों ने ढाका विश्वविद्यालय परिसर में शोक जुलूस निकाला। उन्होंने आरोप लगाया कि हादी के हत्यारे हत्या करने के बाद भारत भाग गए हैं। एनसीपी प्रमुख सरजिस आलम ने कहा, “जब तक भारत हादी भाई के हत्यारों को वापस नहीं करता, बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग बंद रहना चाहिए। हम युद्ध की स्थिति में हैं!” ढाका में प्रदर्शनकारियों ने सांस्कृतिक समूह ‘छाया नट’ के कार्यालय पर हमला किया और फर्नीचर में आग लगा दी।

यह भी देखें : लोकसभा ग्राम विधेयक शिवराज सिंह ने कहा – ‘कांग्रेस को अब भंग कर देना चाहिए’