ऑकलैंड, 26 दिसम्बर : दक्षिणी ऑकलैंड में डेस्टिनी चर्च से जुड़े प्रदर्शनकारियों द्वारा नगर कीर्तन में बाधा डाले जाने की घटना के कुछ दिनों बाद अब एक वीडियो और भावुक कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। यह कहानी सिख समुदाय की निस्वार्थ सेवा और मानवता के प्रति उनके समर्पण को दर्शाती है। न्यूज़ीलैंड के निवासी नेट हैमन ने सिख समुदाय की सेवा भावना को लेकर अपनी निजी यादें साझा की हैं।
उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता एक फूड चैरिटी के स्थानीय कोऑर्डिनेटर थे और सप्ताह में कई बार जरूरतमंद लोगों को भोजन उपलब्ध कराते थे।
बिना पहचान और प्रचार के सेवा
नेट हैमन के अनुसार, स्थानीय सिख समुदाय के सदस्य नियमित रूप से ताजा तैयार किया गया भोजन ट्रे में लेकर वहां पहुंचते थे। भोजन की तैयारी और उसका पूरा खर्च वे स्वयं उठाते थे। खास बात यह थी कि वे न तो किसी पहचान की चाह रखते थे, न मीडिया का ध्यान चाहते थे और न ही किसी तरह की प्रशंसा।
“मुस्कराते हैं और चुपचाप चले जाते हैं”
नेट हैमन ने कहा,
“वे बस खाना देकर जाते हैं, नम्रता से मुस्कराते हैं और चुपचाप चले जाते हैं।”
उन्होंने इसे सिख समुदाय की सच्ची सेवा भावना बताया, जो बिना शोर-शराबे के मानवता की मदद करती है।
नफरत फैलाने वालों को करारा जवाब
आलोचकों और नफरत फैलाने वालों को संबोधित करते हुए नेट हैमन ने कहा, “जिन लोगों पर आप हमला कर रहे हैं, वही लोग भूखों को खाना खिला रहे हैं। अगर आपकी चर्च आपको ऊंची आवाज़ में बोलने वाला, गुस्सैल और निर्दयी बनाती है, तो समस्या उनके विश्वास में नहीं, आपकी अज्ञानता में है।”
मानवता की मिसाल बना सिख समुदाय
यह वायरल कहानी और वीडियो एक बार फिर साबित करते हैं कि सिख समुदाय की ‘सेवा’ की परंपरा सीमाओं से परे है। विरोध और आलोचनाओं के बीच भी सिख समाज चुपचाप जरूरतमंदों की मदद करता रहा है, जो पूरी दुनिया के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
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