नई दिल्ली, 27 दिसम्बर : हिंदू धर्म में विवाह को सात जन्मों का बंधन माना जाता है, लेकिन पुणे के एक दंपत्ति का विवाह 24 घंटे भी नहीं टिक पाया। शादी के कुछ ही समय बाद पति-पत्नी ने अलग होने का फैसला कर लिया। सात बार तलाक की अर्जी दाखिल करने से पहले दोनों ने कुछ ही घंटों का समय लिया और अब 18 महीने बाद अदालत ने उनके तलाक को मंजूरी दे दी है। शादी से पहले दोनों पेशे से डॉक्टर थे, लेकिन शादी के बाद पत्नी को अपने पति के बारे में कुछ ऐसा पता चला जिससे वह चौंक गई और उसने तुरंत रिश्ता खत्म करने का फैसला कर लिया।
तलाक का कारण क्या है?
महिला के वकील ने अदालत को बताया कि दोनों के बीच प्रेम विवाह हुआ था। शादी से पहले पति ने खुद को डॉक्टर बताया था। महिला भी पेशे से डॉक्टर थी। इसी वजह से दोनों के बीच प्रेम संबंध शुरू हुए और फिर उन्होंने शादी कर ली। हालांकि, शादी की रात पति ने खुलासा किया कि वह डॉक्टर नहीं बल्कि मर्चेंट नेवी में कार्यरत है।
महिला के अनुसार, “मेरे पति ने मुझे बताया कि वह मर्चेंट नेवी में काम करता है और ड्यूटी के कारण कभी-कभी उसे 6 महीने तक घर से दूर रहना पड़ता है।” यह सच्चाई जानकर महिला को गहरा सदमा लगा और उसने तुरंत अपने पति से अलग होने का फैसला कर लिया।
तलाक की मुहर
शादी के कुछ ही समय बाद दोनों अलग रहने लगे और अगले ही दिन अदालत में तलाक के लिए अर्जी दाखिल कर दी। हालांकि, कानूनी प्रक्रिया पूरी होने में 18 महीने लग गए और अब अदालत ने उनके तलाक को भी मंजूरी दे दी है।

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