घगा, 4 जनवरी : पंजाब के पटियाला जिले में दिल्ली-अमृतसर-कटरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की निर्माण कार्य में एक बार फिर अड़चन आ गई है। घग्गा टोल प्लाजा के पास घग्गा से तेईपुर तक करीब 20 किलोमीटर सड़क के चल रहे निर्माण को किसानों ने रोक दिया। भारतीय किसान यूनियन (एकता आजाद) की अगुवाई में पीड़ित किसानों ने धरने के दौरान नोडल अथॉरिटी के निर्माण कार्य को ठप करवा दिया।
कम मुआवजे के खिलाफ रोका काम
किसानों का आरोप है कि 2021 में जिला प्रशासन ने पातड़ां तहसील के 11 गांवों की जमीन मात्र 14 लाख 12 हजार रुपये प्रति एकड़ के मामूली दर पर अधिग्रहित कर ली थी। उस समय प्रशासन ने वादा किया था कि मुआवजा बढ़ाया जाएगा, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। एक तरफ का निर्माण कार्य चल रहा था, जबकि दूसरे तरफ का 15 प्रतिशत काम बाकी था। किसानों ने चल रहे एक साइड के राहगीरों को नहीं रोका, केवल नए निर्माण को रोक दिया।
किसानों की मांगें
जथेबंदी के ब्लॉक पातड़ां प्रधान मंदीप सिंह भूतगढ़ ने कहा कि कम दर पर जमीन लेने के बाद वादा पूरा नहीं किया गया। धरने में किसान नेता जगजीत सिंह गलौली, अमरिंदर सिंह घग्गा और सुरजीत सिंह तंबूवाला ने चेतावनी दी कि उचित मुआवजा और सभी मुद्दों का समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा। किसान लंबे समय से बढ़े हुए मुआवजे और ब्याज की मांग कर रहे हैं।
प्रोजेक्ट पर असर
यह एक्सप्रेसवे पिछले साल पूरा होने वाला था, लेकिन भूमि अधिग्रहण और मुआवजा विवादों के कारण देरी हो रही है। भवानिगढ़ से गुलजारपुर ठरूआ तक एक साइड का काम अवैध रूप से चल रहा था। पटियाला और आसपास से दिल्ली जाने वाले वाहनों के लिए यह रूट जल्द उपलब्ध होने की उम्मीद थी, लेकिन विवाद से मामला फिर लटक गया। केंद्र सरकार की भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे इस 670 किमी लंबे एक्सप्रेसवे की अनुमानित लागत 40,000 करोड़ रुपये है। पूरा होने पर दिल्ली से अमृतसर 4 घंटे और कटरा 6 घंटे में पहुंचा जा सकेगा।
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