वॉशिंगटन, 8 जनवरी : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड पर नियंत्रण हासिल करने की तैयारी में जुटे हुए हैं। इसके लिए वह सैन्य विकल्प के उपयोग से लेकर ग्रीनलैंड को खरीदने तक, कई संभावनाओं पर चर्चा कर रहे हैं। रणनीतिक रूप से बेहद अहम माने जाने वाले इस द्वीप को ट्रंप अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देख रहे हैं।
यूरोपीय देशों का कड़ा विरोध
ट्रंप के इस रुख का यूरोपीय देशों ने खुलकर विरोध किया है। डेनमार्क के सांसद रासमुस जारलोव ने कहा कि ट्रंप प्रशासन ग्रीनलैंड पर कब्जे को लेकर एक सहयोगी देश के साथ लगभग युद्ध जैसी स्थिति पैदा कर रहा है। व्हाइट हाउस ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ग्रीनलैंड को अधिग्रहित करने के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। बयान के अनुसार, ग्रीनलैंड को अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा पहल के रूप में देखा जा रहा है। इसमें कहा गया कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी विकल्पों पर चर्चा हो रही है और आवश्यकता पड़ने पर अमेरिकी सेना का इस्तेमाल भी एक विकल्प है।
नाटो और यूरोप में चिंता
डेनमार्क के नियंत्रण में रहने वाला ग्रीनलैंड लगातार यह कहता आ रहा है कि वह अमेरिका का हिस्सा नहीं बनना चाहता। इस मुद्दे पर प्रमुख यूरोपीय शक्तियों और कनाडा ने भी एकजुटता दिखाई है। ट्रंप के इस कदम से अमेरिका के पुराने सहयोगी डेनमार्क, यूरोप और नाटो देशों में चिंता और हलचल बढ़ गई है। इसे अंतरराष्ट्रीय संतुलन के लिए बड़ा खतरा माना जा रहा है।
ट्रंप ने सोमवार को कहा था कि अमेरिका को राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों से ग्रीनलैंड की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि आर्कटिक क्षेत्र में रूस और चीन की मौजूदगी लगातार बढ़ रही है। ग्रीनलैंड चारों ओर से रूसी और चीनी जहाजों से घिरा हुआ है और डेनमार्क इसकी सुरक्षा करने में सक्षम नहीं होगा।
खरीद को प्राथमिकता, कब्जा नहीं
गौरतलब है कि ट्रंप पिछले साल भी ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण की बात कह चुके हैं। डेनमार्क के अधीन यह द्वीप यूरोप और उत्तरी अमेरिका के बीच स्थित है। अमेरिका यहां बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैनात करना चाहता है। आईएएनएस के मुताबिक, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सांसदों को बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप बातचीत के जरिए ग्रीनलैंड हासिल करना चाहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्हाइट हाउस का सख्त बयान किसी सैन्य कार्रवाई का संकेत नहीं है।
रुबियो के अनुसार, ट्रंप ग्रीनलैंड पर जबरन कब्जा नहीं बल्कि उसे खरीदने के पक्ष में हैं। अमेरिकी प्रशासन का उद्देश्य डेनमार्क पर ग्रीनलैंड के भविष्य को लेकर बातचीत के लिए दबाव बनाना है।
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