January 9, 2026

दस्तावाजों में खुलासा : भारत से बचाने के लिए अमेरिका समक्ष गिड़गिड़ाया पाकिस्तान

दस्तावाजों में खुलासा : भारत से बचाने के लिए...

वॉशिंगटन, 8 जनवरी : प्रोपेगेंडा के बादल कुछ समय के लिए छाए रह सकते हैं, लेकिन अंततः सच्चाई का सूरज अपनी किरणें बिखेरता है। पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में 2025 में लगातार झूठ फैलाए, लेकिन 2026 के पहले सप्ताह में ही पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा और डोनाल्ड ट्रंप के मध्यस्थता के दावों का पर्दाफाश हो गया। अमेरिका में हाल ही में जारी दस्तावेजों से यह स्पष्ट होता है कि पाकिस्तान ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद ट्रंप प्रशासन से कम से कम 100 बार भारतीय हमलों से अपनी रक्षा के लिए गुहार लगाई थी।

इसके अतिरिक्त, 10 मई को सीजफायर की घोषणा के बाद जब भारत ने स्पष्ट किया कि यह सीजफायर अस्थाई है और ऑपरेशन सिंदूर जारी रहेगा, तब पाकिस्तान की चिंता बढ़ गई थी और उसने अमेरिका में अपने ‘मालिकों’ से भारत से बचाने की अपील की।

पाकिस्तान ने भारत से बचाने की अमेरिका में मांगी थी भीख

अमेरिका में स्थित लॉ फर्म स्क्वॉयर पैटन बोग्स ने FARA के तहत अपने दस्तावेज़ सार्वजनिक किए हैं, जिनसे कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ सामने आई हैं। इन दस्तावेज़ों में एक लॉग सूची शामिल है, जो दर्शाती है कि पाकिस्तानी डिप्लोमैट्स और रक्षा अधिकारियों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपने अमेरिकी समकक्षों से 100 से अधिक बार संपर्क किया।

इस अवधि में, उन्होंने अमेरिकी अधिकारियों, बिचौलियों और यहां तक कि अमेरिकी मीडिया के साथ व्यक्तिगत बैठकें आयोजित करने का अनुरोध भी किया। FARA फाइलिंग से यह भी स्पष्ट होता है कि पाकिस्तान ने मई 2025 के संघर्ष के दौरान वाशिंगटन में विभिन्न लॉबी फर्मों के माध्यम से अमेरिकी सरकार के कई विभागों से संपर्क किया, जो कि 100 बार से अधिक हुआ।

मध्यस्थता की गुहार पाकिस्तान ने लगाई भारत ने नहीं

इन दस्तावेजों से पता चलता है कि पाकिस्तान ने अमेरिका से ऑपरेशन सिंदूर को खत्म करवाने के लिए भारत से बातचीत की गुहार लगाई थी। इसके अलावा पाकिस्तान ने भारत से बातचीत करवाने में मध्यस्थता करवाने में मदद करने की कोशिश का ‘स्वागत’ किया था। यानि, वो पाकिस्तान था, जो अमेरिका से मध्यस्थता की गुहार लगा रहा था, भारत नहीं। इसलिए डोनाल्ड ट्रंप का मध्यस्थता का दावा फुस्स हो गया है।

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