January 13, 2026

‘मैं जो चाहूँ वो करता हूँ’ – चीन ने एआई के ज़रिए ट्रंप का ‘भयानक’ चेहरा दिखाया

'मैं जो चाहूँ वो करता हूँ' - चीन ने एआई के...

बीजिंग, 13 जनवरी : 3 जनवरी 2026 को अमेरिका ने वेनेजुएला की राजधानी कराकास में बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई (ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिज़ॉल्व) की। इस कार्रवाई में अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर लिया। मादुरो को नारको-टेररिज्म और ड्रग तस्करी के आरोपों के तहत अमेरिका ले जाया गया, जहां न्यूयॉर्क में अदालत में पेशी के दौरान उन्होंने सभी आरोपों से इनकार किया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका अस्थायी रूप से वेनेजुएला को “चलाएगा” जब तक सुरक्षित सत्ता हस्तांतरण नहीं हो जाता। इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन माना जा रहा है।

चीन की कड़ी निंदा और AI के जरिए तंज

चीन ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे “अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन” करार दिया। चीन ने मादुरो की तत्काल रिहाई की मांग की है। चीन की सरकारी मीडिया और राजनयिक खातों ने ट्रंप की नीतियों पर व्यंग्य करने के लिए AI-जनरेटेड वीडियो का सहारा लिया है। इन वीडियो में अमेरिका को “ब्लड ईगल” (गिद्ध) के रूप में दिखाया गया है और ट्रंप की टैरिफ नीतियों, व्यापार युद्ध और आर्थिक दबाव पर मजाक उड़ाया गया है।

हालांकि वेनेजुएला मामले पर सीधे तौर पर चीन द्वारा कोई AI वीडियो जारी नहीं किया गया जिसमें ट्रंप कह रहे हों “तुम्हारा तेल, तुम्हारी जमीन, सब मेरा शिकार है” – लेकिन सोशल मीडिया पर ऐसे कई फेक और व्यंग्यात्मक AI वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें ट्रंप को वेनेजुएला के तेल संसाधनों पर कब्जा करने वाला दिखाया गया है।

ट्रंप की विस्तारवादी नीतियां निशाने पर

यह घटना ऐसे समय हुई है जब ट्रंप ने वेनेजुएला के विशाल तेल भंडारों पर कब्जे के बाद अब ग्रीनलैंड पर भी नजरें टिका रखी हैं। इसके अलावा अमेरिका लगातार ईरान की सरकार को हमले की धमकियां भी दे रहा है। चीन इन AI वीडियो के जरिए दुनिया को यह संदेश देना चाहता है कि अमेरिका एक “धक्केशाह” देश के रूप में उभर रहा है, जो किसी भी अंतरराष्ट्रीय नियम-कानून को नहीं मानता और अपनी ताकत के बल पर जो चाहे कर गुजरता है।

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