वाशिंगटन, 14 जनवरी : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ईरान को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि ईरान विरोध प्रदर्शन करने वालों को फांसी पर लटकाता है, तो अमेरिका इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान की कार्रवाई की कड़ी निंदा की जा रही है।
ईरान में बढ़ रहे विरोध प्रदर्शन
ईरान में पिछले कुछ दिनों से जारी विरोध प्रदर्शनों में हजारों लोग मारे जाने का दावा किया जा रहा है। इन प्रदर्शनों ने 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद सत्ता के लिए सबसे बड़ा खतरा उत्पन्न कर दिया है। अधिकारिक रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान सरकार ने देशभर में अपने नियंत्रण को मजबूत कर लिया है, जबकि प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाने और इंटरनेट ब्लैकआउट जैसे दमनकारी उपायों का आरोप है।
ट्रंप का अल्टीमेटम
राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले ईरान के प्रदर्शनकारियों से कहा था कि उनकी मदद रास्ते में है। अब उन्होंने एक टीवी इंटरव्यू में कहा है कि यदि ईरान फांसी देना शुरू करता है, तो अमेरिका कठोर कदम उठाएगा। ईरान के वकीलों का कहना है कि कुछ गिरफ्तार व्यक्तियों पर ‘खुदा के खिलाफ युद्ध’ का आरोप लगाया जाएगा, जो मौत की सजा के तहत आता है।
ट्रंप ने कहा, “वे हजारों लोगों को मार रहे हैं और अब फांसी की सजा की बात कर रहे हैं। देखना होगा कि वे इसे कैसे अंजाम देते हैं।”
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान के खिलाफ गुस्सा
अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी ईरान के खिलाफ आवाज उठा रहा है। यूरोपीय देशों, जैसे फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन ने ईरान के राजदूतों को तलब किया है और यूरोपीय संघ (EU) ने भी ईरान के खिलाफ प्रतिबंध लगाने की धमकी दी है। EU प्रमुख उर्सुला वान डेर लेयेन ने कहा कि ईरान में हो रही मौतों की बढ़ती संख्या डरावनी है और इसके जिम्मेदार लोगों पर और प्रतिबंध लगाए जाएंगे।
प्रदर्शनों में कितने लोग मारे गए?
नॉर्वे स्थित NGO ‘ईरान ह्यूमन राइट्स’ (IHR) ने 734 मौतों की पुष्टि की है, जिनमें 9 नाबालिग शामिल हैं। हालांकि, उनका मानना है कि असली संख्या हजारों में हो सकती है। IHR के निदेशक महमूद अमीरी-मोग़दम ने कहा कि उनके आंकड़े देश के आधे से भी कम प्रांतों और 10% से भी कम अस्पतालों से आए हैं।
IHR ने 26 वर्षीय एर्फान सोलतानी का मामला भी दुनिया के सामने रखा, जिन्हें पिछले हफ्ते तेहरान के पास करज शहर से गिरफ्तार किया गया था। परिवार के मुताबिक, उन्हें मौत की सजा सुनाई जा चुकी है और बुधवार को फांसी दी जा सकती है।
ईरान की सड़कों पर क्या हो रहा है?
ईरान सरकार ने सोमवार को बड़े पैमाने पर रैलियां आयोजित की हैं। इन रैलियों में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों को हार मानने वाला बताया और अमेरिका के खिलाफ चेतावनी दी। 1989 से सत्ता में काबिज खामेनेई अब 86 वर्ष के हो चुके हैं।
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