चंडीगढ़, 14 जनवरी : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि विशेष जांच टीम (SIT) ने गुरु ग्रंथ साहिब के लापता 328 पवित्र स्वरूपों में से 169 स्वरूप बरामद कर लिए हैं। ये सभी स्वरूप नवांशहर जिले के बंगा क्षेत्र स्थित एक डेरा में पाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इन 169 स्वरूपों में से 139 के कोई आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं, जबकि केवल 30 स्वरूपों के रिकॉर्ड मौजूद हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि वे इसे अपनी उपलब्धि नहीं मानते, बल्कि इसे अपना कर्तव्य समझते हैं। यह खुलासा मुख्यमंत्री ने 15 जनवरी को श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के कार्यालय में पेश होने से पहले किया। उन पर गोलक के अपमान और गुरु साहिब की तस्वीरों के कथित अपमान से जुड़े आरोप हैं, जिन पर उन्हें स्पष्टीकरण देना है।
मीडिया रिपोर्ट पर उठे सवाल
गौरतलब है कि दो दिन पहले एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि SIT ने गुरु ग्रंथ साहिब के करीब पांच दर्जन ऐसे स्वरूप बरामद किए हैं जो मर्यादा के अनुसार सुशोभित नहीं थे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि इन स्वरूपों को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की निगरानी में रखा जाएगा।
हालांकि, SIT के एक सदस्य ने इस रिपोर्ट को गलत और भ्रामक बताया था। उन्होंने कहा था कि टीम के पास ऐसी कोई पुष्टि नहीं है और जांच अभी जारी है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री ने आज मुक्तसर में साफ किया कि बंगा के एक डेरा से 169 पवित्र स्वरूप मिले हैं।
2020 की जांच में 16 लोग ठहराए गए थे दोषी
यह मामला तब सामने आया था जब गुरु ग्रंथ साहिब के 328 स्वरूपों के लापता होने की जानकारी मिली। इसके बाद तत्कालीन कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने जांच के लिए एक कमेटी गठित की थी। कमेटी प्रमुख ईश्वर सिंह ने वर्ष 2020 में अपनी रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें 16 लोगों को दोषी ठहराया गया था। इनमें से दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कुछ को SGPC द्वारा बर्खास्त कर दिया गया था। हालांकि, उस समय लापता स्वरूपों की बरामदगी को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

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