March 3, 2026

विपक्षी पार्टीयों का आरोप, मीडिया की आवाज दबा रही है आम आदमी पार्टी सरकार

विपक्षी पार्टीयों का आरोप, मीडिया की आवाज...

चंडीगढ़, 16 जनवरी : पंजाब में विपक्षी दलों ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया है कि सरकार प्रेस की आवाज़ दबाने के लिए सरकारी ताकत का दुरुपयोग कर रही है। यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब पंजाब केसरी अख़बार समूह ने गुरुवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखकर दावा किया कि प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा बार-बार की जा रही छापेमारी के जरिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।

पंजाब सरकार ने आरोपों को किया खारिज

इस पूरे मामले पर पंजाब सरकार ने देर शाम एक आधिकारिक बयान जारी कर पंजाब केसरी समूह के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। सरकार ने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और किसी भी मीडिया संस्थान को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया जा रहा।

प्रताप सिंह बाजवा का हमला

पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ ‘आप’ सरकार मीडिया को चुप कराने के लिए राज्य की शक्ति का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने से लेकर सरकारी विज्ञापन रोकने तक, यह सब एक तयशुदा पैटर्न के तहत किया जा रहा है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने मीडिया की स्वतंत्रता पर हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल इस मुद्दे को लेकर 17 जनवरी को राज्यपाल से मुलाकात करेगा और सरकार की कार्यशैली से अवगत कराएगा।

सुखबीर बादल की भी तीखी प्रतिक्रिया

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने भी अख़बारी समूह के खिलाफ कार्रवाई की निंदा करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट किया कि जब सरकारें घबराई होती हैं और उन्हें अपनी हार साफ दिखाई देने लगती है, तो सबसे पहले स्वतंत्र मीडिया और विपक्षी दलों पर हमले किए जाते हैं। इस मुद्दे ने पंजाब की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है, जिसमें सरकार और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं।

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