January 16, 2026

मुंबई नगर निगम चुनावों में भाजपा की ऐतिहासिक जीत

मुंबई नगर निगम चुनावों में भाजपा...

मुंबई, महाराष्ट्र, 16 जनवरी : महाराष्ट्र की सियासत में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मुंबई और पुणे की नगर निगम चुनावों में शानदार जीत दर्ज करते हुए राज्य की राजनीति में अपना दबदबा मजबूत कर लिया है। करीब तीन दशकों से शिवसेना के कब्जे में रही बृहन्मुंबई म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन (BMC) में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने जनता का जताया आभार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए (NDA) गठबंधन की शानदार जीत पर राज्य की जनता का धन्यवाद किया। उन्होंने एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए कहा कि महाराष्ट्र के लोगों ने एनडीए के जन-हितैषी शासन और विकास के एजेंडे पर अपनी मुहर लगाई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये नतीजे भाजपा गठबंधन और जनता के बीच मजबूत होते रिश्ते को दर्शाते हैं तथा लोगों ने विकास की रफ्तार तेज करने के लिए वोट दिया है।

बीएमसी में एनडीए को बहुमत की उम्मीद

भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन को 227 में से लगभग 125 सीटें मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। गौरतलब है कि बीएमसी देश की सबसे अमीर नगर निगम है, जिसका 2025-26 का बजट करीब 74,427 करोड़ रुपये है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “यह जीत महाराष्ट्र की जनता के प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन पर भरोसे को दर्शाती है।” उन्होंने यह भी कहा कि बालासाहेब ठाकरे के आशीर्वाद से ही यह ऐतिहासिक जीत संभव हो पाई है।

शिंदे की शिवसेना के प्रदर्शन से भाजपा को मजबूती

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के अच्छे प्रदर्शन से भाजपा को नगर निगम की सत्ता संभालने में और मजबूती मिली है। इस चुनाव में लगभग दो दशकों बाद ठाकरे बंधु एक साथ आए थे, लेकिन नतीजे उनकी उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निगम चुनावों में भी भाजपा ने एनसीपी और एनसीपी (एसपी) गठबंधन को पीछे छोड़ते हुए बड़ी बढ़त हासिल की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में भाजपा ने 2017 के बीएमसी चुनावों में मिले 82 सीटों के पिछले रिकॉर्ड को भी पार कर लिया है।

‘मिशन मुंबई’ से भाजपा बनी बड़ी शहरी ताकत

भाजपा की “मिशन मुंबई” रणनीति सफल रही है, जिससे पार्टी देश की आर्थिक राजधानी में एक प्रमुख राजनीतिक शक्ति के रूप में स्थापित हो गई है। वर्षों तक शिवसेना का गढ़ मानी जाने वाली बीएमसी में आए ये नतीजे मुंबई की सत्ता संरचना में बड़े बदलाव का संकेत देते हैं।

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