नई दिल्ली, 17 जनवरी : रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की अगुवाई वाले रक्षा खरीद बोर्ड ने फ्रांस की कंपनी दासो (Dassault) से 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह फैसला भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस खरीद प्रस्ताव को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के स्तर पर हरी झंडी तब मिलेगी, जब वह अगली रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। डीएसी रक्षा मंत्रालय की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था है। हालांकि, इस सौदे पर अंतिम मुहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) द्वारा लगाए जाने की संभावना है।
फरवरी में भारत–फ्रांस सौदे पर लग सकती है मुहर
सूत्रों का कहना है कि भारत और फ्रांस फरवरी में राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के सौदे को अंतिम रूप देने की कोशिश करेंगे। इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच एक अहम बैठक भी प्रस्तावित है।
स्वदेशी परियोजनाओं पर नहीं पड़ेगा असर
सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि राफेल सौदे का भारत की स्वदेशी लड़ाकू विमान परियोजनाओं—एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) और लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस मार्क-2—पर कोई असर नहीं पड़ेगा। एएमसीए भारत का पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान है, जिसे भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है।
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