January 18, 2026

केंद्र पंजाब के अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास कंटीली तार लगाने पर सहमत

केंद्र पंजाब के अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास...

नई दिल्ली, 18 जनवरी : पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में खेती करने वाले किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है।

ने दावा किया है कि केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय सीमा के बिल्कुल पास कंटीली तार (फेंसिंग) स्थानांतरित करने के लिए सैद्धांतिक रूप से सहमत हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि इस फैसले से हजारों एकड़ जमीन पर किसानों को बिना किसी रुकावट के खेती करने में मदद मिलेगी।

बीएसएफ निगरानी में खेती की मजबूरी होगी खत्म

मुख्यमंत्री ने बताया कि अभी किसानों को पहचान पत्र दिखाकर और बीएसएफ की निगरानी में कंटीली तार के पार जाकर खेती करनी पड़ती है, जिससे उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। गृह मंत्री ने आश्वासन दिया है कि यह मुद्दा उनके विचाराधीन है और कंटीली तार को सीमा के बिल्कुल नजदीक शिफ्ट किया जाएगा।

मुख्यमंत्री मान ने प्रस्तावित बीज बिल पर गंभीर आपत्ति जताते हुए कहा कि मौजूदा स्वरूप में इसे संसद में पेश न किया जाए। उन्होंने कहा कि यह बिल केंद्रीय बीज समिति में पंजाब की उचित प्रतिनिधित्व की गारंटी नहीं देता। जोन आधारित प्रणाली के कारण बीज क्षेत्र से जुड़े अहम फैसलों में पंजाब की आवाज दबाई जा रही है। साथ ही बिना स्थानीय कृषि-जलवायु परीक्षण के बीज किस्मों की अनुमति किसानों के लिए बड़ा जोखिम है।

एसवाईएल, एफसीआई और आढ़तियों के मुद्दे भी उठाए

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर विवाद, एफसीआई द्वारा अनाज की धीमी ढुलाई, आढ़तिया कमीशन रोके जाने, ग्रामीण विकास फंड (RDF) और मार्केट फीस के भुगतान न होने जैसे अहम मुद्दे भी उठाए। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले पांच महीनों में एफसीआई ने राज्य से केवल 4–5 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 5–6 लाख मीट्रिक टन चावल की ही ढुलाई की है। वर्ष 2025-26 में 95 लाख मीट्रिक टन चावल की डिलीवरी होनी है, जबकि फिलहाल केवल 20 लाख मीट्रिक टन भंडारण क्षमता उपलब्ध है।

आढ़तिया कमीशन फ्रीज, संशोधन पर फैसला लंबित

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2019-20 से आढ़तिया कमीशन को नियमों के खिलाफ फ्रीज किया गया है। फिलहाल गेहूं के लिए 46 रुपये और धान के लिए 45.88 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन तय है। साइलो पर खरीद के लिए यह कमीशन आधा कर दिया गया है, जबकि जनवरी 2024 में गठित कमेटी ने अब तक कोई फैसला नहीं लिया।

ग्रामीण विकास फंड की अदायगी न होने का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब पर RDF के 9030.91 करोड़ रुपये और मार्केट फीस के 2267.83 करोड़ रुपये बकाया हैं। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री ने आश्वासन दिया है कि पहली किस्त जारी करने पर विचार के लिए जल्द बैठक बुलाई जाएगी।

केंद्र ने समस्याओं की समीक्षा का दिया भरोसा

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने सभी मुद्दों की गंभीरता से जांच करने और समाधान निकालने का भरोसा दिया है, जिससे पंजाब के किसानों और राज्य के हितों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

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