नई दिल्ली, 19 जनवरी : ऑस्ट्रेलिया की एक अदालत में ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर जज भी हैरान रह गए। 42 वर्षीय भारतीय मूल के विक्रांत ने अपनी पत्नी की हत्या करने की बात स्वीकार की, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि यह हत्या नहीं थी। 14 जनवरी को वह दूसरी बार अदालत में पेश हुआ।
विक्रांत पर पिछले साल दिसंबर में अपनी पत्नी सुप्रिया ठाकुर की हत्या का आरोप है। एबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, जब पुलिस एडिलेड स्थित एक घर में पहुँची, तो सुप्रिया वहां बेहोश पड़ी थीं। पुलिस ने उन्हें सीपीआर दिया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
गैर-इरादतन हत्या की दलील
22 दिसंबर को विक्रांत को अदालत में पेश किया गया था, लेकिन उसने जमानत के लिए आवेदन नहीं किया। उस समय मामले को 16 हफ्तों के लिए स्थगित करने की मांग की गई थी।
14 जनवरी को हुई सुनवाई के दौरान विक्रांत ने अपने वकील की सलाह पर कहा, “मैं गैर-इरादतन हत्या का दोष स्वीकार करता हूं, लेकिन मैं हत्या का दोषी नहीं हूं।”
बेटे के लिए फंडरेज़र शुरू
सुप्रिया के दोस्तों ने उनके बेटे की मदद के लिए एक फंडरेज़र भी शुरू किया है। इसके विवरण में लिखा है,
“सुप्रिया ठाकुर एक समर्पित मां थीं, जिन्होंने अपने इकलौते बेटे के लिए सुरक्षित भविष्य बनाने के लिए अथक प्रयास किए। वह अक्सर लंबे समय तक काम करती थीं। उन्होंने जो कुछ भी किया, वह अपने बेटे के लिए किया।”
GoFundMe पेज के अनुसार,
“सुप्रिया एक पंजीकृत नर्स बनना चाहती थीं। उनकी दुखद मृत्यु ने उनके बेटे को मां के बिना छोड़ दिया है और रातों-रात उसकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई है।”

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