February 5, 2026

भारत में रहते हुए शेख हसीना का बड़ा बयान, बांग्लादेश ‘अस्तित्व की लड़ाई’ में

भारत में रहते हुए शेख हसीना...

नई दिल्ली, 22 जनवरी : बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने देश छोड़ने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से संबोधन करते हुए नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस पर तीखा हमला बोला है। भारत में रह रहीं शेख हसीना ने यूनुस पर अवैध, हिंसक और तानाशाही शासन चलाने का आरोप लगाया। दिल्ली के विदेशी पत्रकारों के क्लब में “बांग्लादेश में लोकतंत्र बचाओ” कार्यक्रम के दौरान शेख हसीना ने ऑडियो संदेश के माध्यम से राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने बांग्लादेश में जारी राजनीतिक संकट को देश की संप्रभुता और संविधान के लिए “अस्तित्व की लड़ाई” करार दिया।

“आज बांग्लादेश गहरी खाई के किनारे खड़ा है”

अपने संबोधन में शेख हसीना ने कहा, “आज बांग्लादेश एक गहरी खाई के किनारे खड़ा है।” उन्होंने मुक्ति संग्राम और अपने पिता शेख मुजीबुर रहमान की विरासत का हवाला देते हुए कहा कि देश को जानबूझकर अराजकता, डर और लोकतांत्रिक निर्वासन की ओर धकेला जा रहा है।

यूनुस सरकार को बताया अवैध

यह पहली बार था जब शेख हसीना ने खुले तौर पर यूनुस प्रशासन को गैर-कानूनी करार दिया। उन्होंने अपने समर्थकों से “विदेशी शक्तियों की कठपुतली सरकार” को उखाड़ फेंकने और लोकतंत्र बहाल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा “जब तक यूनुस गुट की छाया नहीं हटेगी, बांग्लादेश में कभी स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव नहीं हो सकते।”

शेख हसीना ने दावा किया कि उन्हें 5 अगस्त 2024 को एक सुनियोजित साजिश के तहत जबरन सत्ता से हटाया गया। इसके बाद से देश “आतंक के दौर” में चला गया है और लोकतंत्र निर्वासन में है।