नई दिल्ली, 27 जनवरी : सुपरस्टार थलापति विजय की चर्चित फिल्म ‘जन नायकन’ को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मद्रास हाई कोर्ट ने मंगलवार, 27 जनवरी को फिल्म को मिला सेंसर सर्टिफिकेट रद्द कर दिया है। इस फैसले के बाद फिल्म की रिलीज पर फिर से संकट के बादल छा गए हैं।
हाई कोर्ट का अहम फैसला
मुख्य न्यायाधीश एम.एम. श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति जी. अरुल मुरुगन की खंडपीठ ने सिंगल जज जस्टिस पी.टी. आशा के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें सेंसर बोर्ड (CBFC) को तुरंत सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश दिया गया था। अदालत ने कहा कि CBFC को अपना पक्ष रखने के लिए पूरा और उचित समय मिलना चाहिए था। हाई कोर्ट ने फिल्म के निर्माता KVN प्रोडक्शन को मामले के जल्द निपटारे के लिए दोबारा सिंगल जज के पास जाने की अनुमति दी है। अब सिंगल जज यह तय करेंगे कि इस मामले को रिव्यू कमेटी के पास भेजा जाना चाहिए या नहीं।
प्रशंसकों की बढ़ी बेचैनी
‘जन नायकन’ को पहले इस महीने पोंगल के मौके पर रिलीज किया जाना था, लेकिन सेंसर बोर्ड से जुड़े विवाद के कारण इसकी रिलीज डेट लगातार आगे खिसकती जा रही है। इससे विजय के फैंस की बेचैनी और बढ़ गई है।
क्या विजय की आखिरी फिल्म है ‘जन नायकन’?
सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज है कि ‘जन नायकन’ थलापति विजय की आखिरी फिल्म हो सकती है। खबरों के मुताबिक, इस फिल्म के बाद विजय फिल्मी दुनिया को अलविदा कहकर पूरी तरह राजनीति में सक्रिय हो सकते हैं। यही वजह है कि फैंस इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

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