नई दिल्ली, 28 जनवरी : संसद के बजट सत्र से पहले आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों ने सरकार को कई अहम मुद्दों पर घेर लिया। विपक्ष ने मनरेगा को समाप्त करने, विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर), विदेश नीति और अर्थव्यवस्था जैसे गंभीर विषयों पर संसद में विस्तृत चर्चा की मांग की। साथ ही सत्र का एजेंडा पहले से जारी न किए जाने पर भी नाराजगी जताई गई। बैठक में 39 राजनीतिक दलों के 51 नेताओं ने हिस्सा लिया।
मनरेगा और बेरोजगारी का मुद्दा उठा
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने रुपये की गिरती कीमत और मनरेगा की जगह ‘वीबी-जी रामजी’ अधिनियम लाने के प्रस्ताव का विरोध किया। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी देश की सबसे बड़ी समस्या बन चुकी है और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी को खत्म किया जा रहा है। तिवारी ने जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने का मुद्दा भी उठाया।
एसआईआर प्रक्रिया पर टीएमसी का विरोध
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने पश्चिम बंगाल में चल रही विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर कड़ा ऐतराज जताया। पार्टी नेता सागरिका घोष ने कहा कि इस प्रक्रिया पर संसद में चर्चा होनी चाहिए, क्योंकि इससे चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं। विपक्षी दलों का कहना था कि बजट सत्र के दौरान इन सभी मुद्दों पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए, ताकि जनता से जुड़े गंभीर सवालों के जवाब सरकार को संसद के पटल पर देने पड़ें।
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