चंडीगढ़, 28 जनवरी : गुरु ग्रंथ साहिब के 328 पावन स्वरूपों के कथित लापता होने के मामले में पंजाब सरकार और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के बीच तनाव बरकरार है। जहां एक ओर शिरोमणि कमेटी ने दावा किया है कि वह विशेष जांच टीम (एसआईटी) को पूरा रिकॉर्ड देने के लिए तैयार है, वहीं दूसरी ओर पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट में कहा है कि कमेटी की ओर से आवश्यक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया।
शिरोमणि कमेटी का दावा: रिकॉर्ड तैयार, लेकिन एसआईटी नहीं आई
शिरोमणि कमेटी के सचिव प्रताप सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले एसआईटी प्रमुख और अन्य अधिकारियों ने अमृतसर और चंडीगढ़ स्थित कार्यालयों में आकर रिकॉर्ड की मांग की थी। एसआईटी द्वारा मांगे गए सभी दस्तावेज तैयार कर लिए गए थे।
उन्होंने कहा कि एसआईटी प्रमुख, जांच की निगरानी कर रहे अमृतसर के पुलिस कमिश्नर और एसआईटी के एक सदस्य को फोन पर सूचित भी किया गया था। उन्हें 27, 28 और 29 जनवरी को किसी भी दिन चंडीगढ़ कार्यालय आकर रिकॉर्ड लेने का आग्रह किया गया, लेकिन किसी ने भी अब तक कोई जवाब नहीं दिया।
अकाल तख्त के आदेशों का पालन
शिरोमणि कमेटी के अधिकारियों ने कहा कि अकाल तख्त के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज के आदेशों के अनुसार एसजीपीसी जांच में पूरा सहयोग कर रही है। जत्थेदार ने निर्देश दिए थे कि रिकॉर्ड शिरोमणि कमेटी के चंडीगढ़ कार्यालय में, संस्था के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी की निगरानी में, एसआईटी को सौंपा जाए। इस मामले में एसआईटी ने कुल 20 बिंदुओं पर रिकॉर्ड की मांग की है।
अब तक जांच में 16 लोगों को नामजद किया गया है, जिनमें से दो को गिरफ्तार किया जा चुका है। कुछ नामजद आरोपियों ने हाईकोर्ट में जमानत याचिकाएं दायर की हैं, जिन पर आज सुनवाई भी हुई। नामजद लोगों में से दो की मौत हो चुकी है, जबकि कुछ विदेश में रह रहे हैं।
सरकार का पक्ष: रिकॉर्ड नहीं दिया गया
पंजाब सरकार ने आज हाईकोर्ट में कहा कि शिरोमणि कमेटी की ओर से इस मामले में आवश्यक और पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसी को लेकर जांच आगे बढ़ाने में दिक्कतें आ रही हैं। कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री ने बयान दिया था कि 169 पावन स्वरूप बरामद किए गए हैं, जिनमें से 100 से अधिक का कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। हालांकि, एसआईटी अभी तक यह साबित नहीं कर पाई है कि ये स्वरूप उन्हीं 328 पावन स्वरूपों से संबंधित हैं, जिनके लापता होने का मामला दर्ज किया गया था।
कब दर्ज हुआ मामला
328 पावन स्वरूपों के लापता होने का मामला पुलिस ने 7 नवंबर को सिख सद्भावना दल के प्रमुख बलदेव सिंह वडाला की शिकायत पर दर्ज किया था। फिलहाल यह मामला न्यायिक प्रक्रिया और जांच के बीच उलझा हुआ है, जिसमें सरकार और शिरोमणि कमेटी एक-दूसरे पर सहयोग न करने के आरोप लगा रही हैं।
यह भी देखें : हाईकोर्ट ने पंजाब भर में आईसीयू सुविधाओं पर मांगा हलफनामा

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