न्यूयॉर्क, 28 जनवरी : अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमिसन ग्रीर ने भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते को लेकर ट्रंप प्रशासन की पहली प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि इस समझौते में भारत सबसे बड़े लाभार्थी के रूप में उभरा है और आने वाले समय में भारत के “बहुत अच्छे दिन” होंगे। ग्रीर मंगलवार को भारत-EU के बीच हुए इस ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे, जिसे ‘सभी समझौतों की मां’ कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि समझौते के शुरुआती विवरण देखने के बाद यह स्पष्ट होता है कि भारत को इसमें सबसे अधिक फायदा मिला है।
यूरोप में भारत को बढ़ी बाजार पहुंच
फॉक्स बिज़नेस को दिए एक इंटरव्यू में जैमिसन ग्रीर ने कहा, “मैंने अब तक समझौते के कुछ विवरण देखे हैं। मुझे लगता है कि साफ तौर पर भारत इसमें शीर्ष पर रहा है। भारत को यूरोप में ज्यादा बाजार पहुंच मिली है।”
भारतीय श्रमिकों को मिल सकता है बड़ा लाभ
ग्रीर ने आगे कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि भारत को इस समझौते के तहत कुछ अतिरिक्त इमीग्रेशन अधिकार भी मिले हैं। उन्होंने यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने यूरोप में भारतीय कामगारों की मोबिलिटी की बात कही थी। इससे कम लागत वाली श्रम शक्ति वाले भारत को बड़ा फायदा मिलने की संभावना है।
रूसी तेल पर 25% टैरिफ का मुद्दा बरकरार
रूस से तेल की खरीद को लेकर भारत पर लगाए गए 25 फीसदी टैरिफ के सवाल पर ग्रीर ने कहा कि भारत अभी भी यह लेवी अदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत के साथ अमेरिका के कार्यकारी संबंध अच्छे हैं, लेकिन रूसी तेल पर मिलने वाली छूट के कारण इस मुद्दे पर भारत को अभी और काम करने की जरूरत है। ग्रीर ने यह भी स्पष्ट किया कि भले ही दोनों देशों के बीच सहयोग मजबूत है, लेकिन ऊर्जा और व्यापार से जुड़े कुछ मुद्दों पर अभी बातचीत जारी रहने की संभावना है। भारत-EU समझौते को उन्होंने वैश्विक व्यापार संतुलन में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम बताया।
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