February 4, 2026

परमाणु समझौते को लेकर ईरान को ट्रंप की कड़ी चेतावनी

परमाणु समझौते को लेकर ईरान...

वॉशिंगटन, 29 जनवरी : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरान के प्रति सख्त रुख लगातार बना हुआ है। बुधवार को उन्होंने ईरान को एक बार फिर चेतावनी देते हुए कहा कि वह बातचीत की मेज पर आए और परमाणु समझौता करे, अन्यथा अमेरिका पहले से भी कहीं अधिक भीषण हमला करेगा। इसी बीच अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के कारण ईरानी मुद्रा रियाल में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है।

रियाल ऐतिहासिक निचले स्तर पर

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ईरानी मुद्रा रियाल डॉलर के मुकाबले 16 लाख रियाल प्रति डॉलर के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गई है। इससे ईरान की अर्थव्यवस्था पर दबाव और बढ़ गया है। ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “उम्मीद है कि ईरान जल्द ही बातचीत के लिए आगे आएगा और एक निष्पक्ष व न्यायसंगत समझौता करेगा, जो सभी पक्षों के लिए अच्छा होगा।”

पुराने हमलों का दिया हवाला

ट्रंप ने पिछले साल जून में हुए हमलों का जिक्र करते हुए कहा, “अगला हमला इससे कहीं ज्यादा भयानक होगा।” गौरतलब है कि अपने पहले कार्यकाल में ट्रंप ने अमेरिका को 2015 के परमाणु समझौते से अलग कर लिया था। पिछले जून में ईरान और इज़राइल के बीच 12 दिन चले संघर्ष के दौरान अमेरिका ने ईरान के कई परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया था।

ईरान की ओर बढ़ रही अमेरिकी सैन्य तैनाती

आयोवा में एक चुनावी कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी बढ़ने का संकेत देते हुए कहा, “एक और खूबसूरत आर्माडा (युद्धपोतों का बेड़ा) ईरान की ओर बढ़ रहा है। मुझे उम्मीद है कि वे समझौता कर लेंगे।” सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने स्पष्ट कर दिया है कि वे ईरान पर किसी भी हमले के लिए अपने हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देंगे।

ईरानी राष्ट्रपति का बयान

मिस्र ने बताया है कि वह शांति बहाली के प्रयासों के तहत ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची और अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ से अलग-अलग बातचीत कर रहा है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने कहा है कि उनका देश अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत शांति स्थापित करने और युद्ध रोकने की किसी भी प्रक्रिया का स्वागत करता है।

इराक को भी चेतावनी

ट्रंप प्रशासन ने इराक को भी चेतावनी दी है कि यदि पूर्व प्रधानमंत्री नूरी अल-मालिकी सत्ता में लौटते हैं, तो अमेरिका इराक का समर्थन नहीं करेगा। अमेरिका मालीकी को ईरान का करीबी मानता है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव न सिर्फ क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक राजनीति के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।

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