जालंधर, 31 जनवरी : जालंधर के पी.ए.पी. ग्राउंड में अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को पोस्ट-मैट्रिक वजीफा वितरण की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘रंगला पंजाब’ मिशन के तहत 271 करोड़ रुपये का वजीफा सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य बच्चों का भविष्य संवारना है। इस योजना के तहत राज्य भर के 2.7 लाख से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा सत्ता में रहते हुए अपने परिवारों के हितों को प्राथमिकता देती रहीं, जबकि आम आदमी पार्टी केवल पंजाब के नौजवानों के भविष्य को सुरक्षित करने पर ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि यह सरकार शिक्षा को सामाजिक बदलाव का सबसे बड़ा माध्यम मानती है।
लाभार्थियों की संख्या में 35% वृद्धि
सीएम मान ने बताया कि साल 2020-21 के मुकाबले 2024-25 में स्कॉलरशिप पाने वाले विद्यार्थियों की संख्या में 35 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह वृद्धि शिक्षा सुधारों और पारदर्शी व्यवस्था का परिणाम है। उन्होंने कहा कि स्कॉलरशिप केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का साधन है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से 2020 के दौरान यह योजना लगभग ठप हो गई थी और घोटालों के कारण विद्यार्थियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने वर्षों से अनदेखी किए गए सिस्टम को दुरुस्त कर फंड की समय पर अदायगी और पारदर्शिता सुनिश्चित की है।
बायो-प्रमाणिकता और जवाबदेही व्यवस्था लागू
सीएम मान ने बताया कि धोखाधड़ी रोकने के लिए पहली बार विद्यार्थियों, संस्थानों के प्रमुखों और नोडल अधिकारियों के लिए बायो-प्रमाणिकता अनिवार्य की गई है। डॉ. अंबेडकर स्कॉलरशिप पोर्टल पर जवाबदेही वाली प्रणाली लागू की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कमजोर और पिछड़े वर्गों की तकदीर बदलने का एकमात्र रास्ता शिक्षा है। उन्होंने बाबा साहिब अंबेडकर के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा ही सामाजिक असमानता को खत्म करने का सबसे शक्तिशाली हथियार है।
सरकारी स्कूल बने आधुनिक शिक्षा केंद्र
सीएम मान ने कहा कि पंजाब सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों का कायाकल्प कर रही है। स्कूल ऑफ एमिनेंस, स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक लैब और खेल मैदानों से सरकारी स्कूलों को सुसज्जित किया गया है। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने जेईई, नीट जैसी परीक्षाओं में सफलता हासिल की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 65 लाख परिवारों को 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज दिया जा रहा है। राज्य में 881 आम आदमी क्लीनिक संचालित हैं और पिछले चार वर्षों में 63,027 सरकारी नौकरियां पारदर्शी तरीके से दी गई हैं।
विद्यार्थियों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम में लाभार्थी विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए। एमबीबीएस छात्र दिलप्रीत सिंह, बीए एलएलबी की छात्रा हरशिता और अन्य विद्यार्थियों ने कहा कि इस स्कीम ने उनके सपनों को हकीकत में बदल दिया है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा, डॉ. बलजीत कौर, हरदीप सिंह मुंडियां, मोहिंदर भगत सहित कई सांसद, विधायक और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
यह भी देखें : कांग्रेस का आरोप, स्कूलों की दीवारों को अपने रंग में रंग रही आम आदमी पार्टी

More Stories
किरत कोड के नियमों को अंग्रेजी में जारी करने पर भाषा विभाग ने लिया नोटिस
लुधियाना से गुजरात जा रही पंजाब मार्का शराब से भरा ट्रक राजस्थान में जब्त
मुख्यमंत्री मान का डेरा सियासत पर तंज, एक्स पोस्ट से मचा सियासी हलचल