February 4, 2026

लाडोवाल टोल के पास NH-44 की बदहाल हालत बन रही हादसों की वजह

लाडोवाल टोल के पास NH-44 की बदहाल....

फगवाड़ा, 4 फरवरी : पंजाब के सबसे महंगे टोल प्लाजा में शुमार और दोआबा क्षेत्र के मुख्य प्रवेश मार्ग लाडोवाल-फिलौर टोल प्लाजा के पास नेशनल हाईवे-44 की लगातार बिगड़ती हालत अब जनसुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। भारी टोल वसूली के बावजूद सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे, खराब रखरखाव और बंद स्ट्रीट लाइटें इस हिस्से को उच्च जोखिम वाला क्षेत्र बना चुकी हैं, जहां आए दिन हादसे हो रहे हैं और वाहनों को नुकसान पहुंच रहा है।

गड्ढों से फट रहे टायर, बढ़ रहे हादसे

हाईवे पर बने गहरे गड्ढों के कारण वाहनों के टायर फटने की घटनाएं आम हो गई हैं। इसके चलते कारें और दोपहिया वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। लुधियाना और जालंधर के बीच रात के समय सफर करने वाले परिवार अक्सर रास्ते में फंस जाते हैं, जिससे उन्हें परेशानी के साथ-साथ सुरक्षा खतरों का भी सामना करना पड़ता है।

कई राहगीरों ने इस हिस्से को ‘मौत का जाल’ करार दिया है। उनका आरोप है कि हाईवे अधिकारियों की लापरवाही ने इसे इलाके के सबसे ज्यादा हादसाग्रस्त क्षेत्रों में शामिल कर दिया है।

NHAI पर लापरवाही के आरोप

काउंसलर रिशू ने इस मुद्दे पर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि बुनियादी सड़क सुरक्षा मानकों को बनाए रखने में नाकाम रहने के बावजूद भारी टोल वसूला जा रहा है। उन्होंने कहा कि NH-44 की हालत स्थानीय लिंक सड़कों से भी बदतर है, जिससे रोजाना वाहनों को नुकसान हो रहा है और कई मामलों में कीमती जानें भी जा रही हैं।

बंद लाइटें बढ़ा रहीं खतरा

काउंसलर ने बताया कि गोराया मेन चौक फ्लाईओवर के नीचे लगी लाइटों सहित हाईवे की अधिकांश स्ट्रीट लाइटें अक्सर बंद रहती हैं। पर्याप्त रोशनी न होने के कारण खासकर रात के समय बड़े हादसों की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। हालांकि जालंधर के डिप्टी कमिश्नर और हाईवे अथॉरिटी के बीच बैठकों की खबरें सामने आई हैं, लेकिन काउंसलर का दावा है कि जमीनी स्तर पर न तो निरीक्षण दिखाई देता है और न ही किसी तरह की जवाबदेही तय की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मरम्मत कार्य केवल अस्थायी पैचवर्क तक सीमित है, जो स्थायी समाधान देने में पूरी तरह विफल रहा है।

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