वॉशिंगटन, 6 फरवरी : अमेरिका ने पाकिस्तान की रेको डिक खदान परियोजना में 1.3 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की है। ट्रंप प्रशासन ने बुधवार को बताया कि इस निवेश को ‘प्रोजेक्ट वॉल्ट’ के तहत लागू किया जाएगा। यह कदम पाकिस्तान के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता के रूप में देखा जा रहा है, खासकर जब देश कठिन आर्थिक परिस्थितियों का सामना कर रहा है।
बलूचिस्तान पर किया बड़ा ऐलान
इस निवेश से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को गति मिल सकती है, लेकिन इस क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना को विद्रोही समूह बीएलए से चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। बीएलए, जो बलूचिस्तान की खनिज संपदा को अन्य देशों को बेचने के खिलाफ है, अमेरिका और पाकिस्तान के लिए खनन गतिविधियों को सुगम बनाने में बाधा उत्पन्न कर सकता है। इस प्रकार, दोनों देशों को न केवल आर्थिक लाभ के लिए बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी बीएलए की चुनौतियों का सामना करना होगा।
रेको डिक ‘प्रोजेक्ट वॉल्ट’ अमेरिका के बाहर किया गया एकमात्र निवेश
अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने नवीनतम प्रोजेक्ट का उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ धातुओं के वैश्विक बाजार को पुनर्गठित करना बताया है। इस संदर्भ में, विदेश विभाग ने स्पष्ट किया है कि रेको डिक ‘प्रोजेक्ट वॉल्ट’ के लिए अमेरिका के बाहर किया गया एकमात्र निवेश है। इस प्रोजेक्ट की घोषणा पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 फरवरी को की थी।
यह पहल यूनाइटेड स्टेट एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक (EXIM) के चेयरमैन की अगुवाई में चल रही है, जिसमें EXIM ने इस प्रोजेक्ट के लिए 10 अरब डॉलर के ऋण को मंजूरी दी है। यह राशि इस एजेंसी द्वारा प्रदान किए गए सबसे बड़े ऋणों में से एक मानी जा रही है, जो इस क्षेत्र में अमेरिका की रणनीतिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
क्यों खास है रेको डिक प्रोजेक्ट
EXIM ने ट्रंप प्रशासन की खनिज परियोजनाओं के लिए 14.8 अरब डॉलर के लेटर ऑफ इंटरेस्ट जारी किए हैं। महत्वपूर्ण खनिज पोर्टफोलियो के लिए भी EXIM ने कई लेन-देन को मंजूरी दी है, जिसमें पाकिस्तान में 1.3 अरब डॉलर का निवेश शामिल हैं। इस लिस्ट में अमेरिका के अलावा पाकिस्तान अकेला ऐसा देश है, जहां क्रिटिकल मिनरल्स के लिए इन्वेस्टमेंट किया गया है।
यह भी देखें : रियाद बिजनेस एग्जिबिशन में भारतीय पर धार्मिक टिप्पणी, वीडियो वायरल

More Stories
रियाद बिजनेस एग्जिबिशन में भारतीय पर धार्मिक टिप्पणी, वीडियो वायरल
टल सकती है भीषण जंग, बातचीत की मेज पर आएंगे अमेरिका और ईरान
अमेरिका ने भारत को किया अलर्ट, चीन कभी भी कर सकता है हमला