February 6, 2026

एस.के.एम ने अमेरिका से व्यापार समझौते का किया विरोध

एस.के.एम ने अमेरिका से व्यापार...

चंडीगढ़, 6 फरवरी : संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने केंद्र और पंजाब सरकार की कथित जनविरोधी व निजीकरण नीतियों के खिलाफ चंडीगढ़ स्थित किसान भवन में एक अहम बैठक की। बैठक में किसान संगठनों के साथ-साथ मजदूर, कर्मचारी, विद्यार्थी, युवा और महिला संगठनों के नेताओं ने भी भाग लिया। बैठक में बिजली संशोधन बिल, बीज बिल, मुक्त व्यापार समझौता, चार श्रम संहिताएं, मनरेगा की जगह लाए गए नए कानून और पंजाब सरकार द्वारा सरकारी संस्थानों की जमीनें बेचने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता जोगिंदर सिंह उगराहां, हरिंदर सिंह लखोवाल, अंग्रेज सिंह भदौड़, डॉ. दर्शन पाल और बूटा सिंह बुर्ज गिल ने की।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध

एसकेएम नेताओं ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का कड़ा विरोध करते हुए केंद्र सरकार से इसकी शर्तें सार्वजनिक करने की मांग की। मोर्चे ने मांग की कि इस समझौते से कृषि क्षेत्र को पूरी तरह बाहर रखा जाए, क्योंकि इससे किसानों के हित प्रभावित होंगे। मोर्चे ने घोषणा की कि 11 फरवरी तक गांव-गांव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पुतले फूंके जाएंगे, ताकि इस समझौते के खिलाफ जनजागरण किया जा सके।

काले दिवस और टोल फ्री का फैसला

एसकेएम ने फैसला किया कि यदि केंद्र सरकार संसद में बिजली संशोधन बिल या बीज बिल पेश करती है, तो उसके अगले दिन काला दिवस मनाया जाएगा। इस दौरान सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक पंजाब के सभी टोल प्लाजा मुफ्त किए जाएंगे और आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

पंजाब सरकार पर भी आरोप

मोर्चे ने 12 फरवरी को केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा बुलाई गई हड़ताल को समर्थन देने का भी ऐलान किया। इसकी तैयारी के लिए 8 फरवरी को सभी जिलों में बैठकें कर रणनीति बनाई जाएगी। एसकेएम नेताओं ने कहा कि पंजाब सरकार ने अब तक बिजली संशोधन बिल सहित किसान-मजदूर विरोधी कानूनों पर अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार सार्वजनिक संपत्तियां बेचने, मजदूरों-कर्मचारियों के संघर्षों की अनदेखी करने और आंदोलनकारी लोगों पर दमन का रास्ता अपना रही है।

22 फरवरी को प्रदर्शन

इन नीतियों के खिलाफ 22 फरवरी को पंजाब भर में ‘आप’ और भाजपा नेताओं के घरों के सामने सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक धरने दिए जाएंगे। बैठक में बलवीर सिंह राजेवाल, रमिंदर सिंह पटियाला, रुलदू सिंह मानसा, बलदेव सिंह निहालगढ़, हरभजन सिंह बुट्टर, डॉ. सतनाम सिंह अजनाला सहित विभिन्न संगठनों के बड़ी संख्या में नेता उपस्थित रहे।

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