नई दिल्ली, 6 फरवरी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब देते हुए कहा कि दुनिया एक नए वैश्विक ऑर्डर (विश्व व्यवस्था) की ओर बढ़ रही है और भारत आज ‘ग्लोबल साउथ’ की एक मजबूत और बुलंद आवाज़ बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद वैश्विक परिस्थितियां तेजी से बदली हैं। उन्होंने कहा, “दूसरे विश्व युद्ध के बाद जो वैश्विक व्यवस्था बनी थी, अब दुनिया उससे आगे बढ़ रही है। यदि निष्पक्ष विश्लेषण किया जाए तो इस बदलाव का झुकाव भारत की ओर साफ दिखाई देता है।”
संसद में नारेबाजी और वाकआउट
प्रधानमंत्री ने अपना जवाब उस समय शुरू किया जब विपक्षी दल लोकसभा में जारी गतिरोध के बीच “विपक्ष के नेता को बोलने दिया जाए” के नारे लगा रहे थे। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे पर तंज कसते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वे बैठकर भी नारेबाजी कर सकते हैं। इसके बाद विपक्षी सांसदों ने सदन से वाकआउट कर दिया।
ग्लोबल साउथ की मजबूत आवाज़ भारत
मोदी ने कहा कि आज पूरी दुनिया ‘ग्लोबल साउथ’ पर चर्चा कर रही है और भारत उसकी प्रभावशाली आवाज़ बनकर सामने आया है। उन्होंने कहा कि भारत विकासशील देशों के मुद्दों को वैश्विक मंच पर मजबूती से उठा रहा है। प्रधानमंत्री ने विभिन्न देशों के साथ हो रहे व्यापार समझौतों का उल्लेख करते हुए कहा, “हम भविष्य को ध्यान में रखते हुए कई देशों के साथ व्यापारिक समझौते कर रहे हैं। पिछले कुछ समय में हमने नौ बड़े व्यापार समझौते किए हैं, जिनमें सबसे अहम यूरोपीय संघ (EU) के साथ हुआ समझौता है।”
विपक्ष पर तीखा हमला
वाकआउट करने वाले विपक्ष पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “वे थक गए और चले गए… लेकिन एक दिन उन्हें जवाब देना होगा कि उन्होंने भारत को ऐसी स्थिति में कैसे पहुंचा दिया था, जब कोई भी देश हमारे साथ व्यापार समझौता करने को तैयार नहीं था।” उन्होंने पूर्व कांग्रेस सरकारों पर भारत की वैश्विक छवि को नुकसान पहुंचाने का आरोप भी लगाया।
भारत-अमेरिका समझौते की सराहना
प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की सराहना कर रही है और यह समझौता खास तौर पर भारतीय युवाओं के लिए फायदेमंद साबित होगा।
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