बठिंडा, 6 फरवरी : जिला प्रशासनिक परिसर के बाहर प्रस्तावित रोष प्रदर्शन से पहले ही बीकेयू (एकता उगराहां) के कई किसान नेताओं को शुक्रवार तड़के पंजाब के अलग-अलग जिलों से हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई गांव भुच्चो खुर्द में होने वाले एकत्र से पहले की गई। यूनियन कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि संगरूर जिले में संगठन के अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां के निवास पर भी छापेमारी की गई, हालांकि बताया जा रहा है कि वे उस समय घर पर मौजूद नहीं थे।
जबरदस्ती कार्रवाई का आरोप
गिरफ्तारियों की निंदा करते हुए बीकेयू के वरिष्ठ नेता झंडा सिंह जेठूके ने आरोप लगाया कि प्रशासन से बातचीत जारी होने के बावजूद सरकार ने जबरदस्ती कार्रवाई कर किसानों की पीठ में छुरा घोंपा है। उन्होंने कहा, “हमें अभी तक हिरासत में लिए गए सभी लोगों के नाम नहीं मिले हैं, लेकिन हम अपने स्टैंड से पीछे हटने वाले नहीं हैं।”
दो किसान नेताओं की रिहाई को लेकर प्रदर्शन
यह प्रदर्शन बीकेयू (एकता उगराहां) के दो नेताओं बलदेव सिंह चौके और सगनदीप सिंह जिउंद की रिहाई की मांग को लेकर रखा गया था, जो 5 अप्रैल 2024 से बठिंडा जेल में बंद हैं। यूनियन का कहना है कि दोनों को गांव चाऊके के एक स्कूल में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे अध्यापकों का समर्थन करने और गांव जिउंद में कृषि भूमि बचाने के संघर्ष में साथ देने के कारण गिरफ्तार किया गया था।
प्रशासन के भरोसे के बावजूद कार्रवाई
यूनियन के अनुसार, चंडीगढ़ के एक वरिष्ठ अधिकारी के कहने पर मंगलवार देर रात एक बैठक हुई थी, जिसमें भरोसा दिलाया गया था कि मामला कुछ दिनों में सुलझा लिया जाएगा। इसके बाद गुरुवार को बठिंडा प्रशासन और किसान नेताओं के बीच बैठक भी हुई, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। डीसी कार्यालय के घेराव के ऐलान के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।
जिला प्रशासनिक परिसर के आसपास भारी पुलिस बल तैनात कर सख्त नाकाबंदी कर दी गई है। पुलिस एक तरफ किसान नेताओं को मनाने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर छापेमारी कर गिरफ्तारियां भी जारी हैं।
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