February 6, 2026

फर्जी डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट मामले में चैतन्यानंद सरस्वती को जमानत

फर्जी डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट मामले में...

नई दिल्ली, 6 फरवरी : दिल्ली के पटियाला हाउस स्थित जिला अदालत ने फर्जी डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट लगाने के मामले में चैतन्यानंद सरस्वती को जमानत दे दी है। अदालत ने इस केस में दिल्ली पुलिस की जांच को बेहद लापरवाह करार दिया। न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिमेष कुमार ने कहा कि पुलिस द्वारा दाखिल चार्जशीट बहुत ही गैर-गंभीर (कैजुअल) तरीके से पेश की गई है। चार्जशीट से यह भी स्पष्ट नहीं होता कि फर्जी नंबर प्लेट खुद आरोपी ने लगवाई थी या लगाई थी।

ड्राइवर और प्लेट के स्रोत पर सवाल

अदालत ने सवाल उठाया कि जिस ड्राइवर द्वारा कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगाए जाने की बात कही गई, उसे न तो आरोपी बनाया गया और न ही नंबर प्लेट बनाने के स्रोत की कोई जांच की गई। यह भी साफ नहीं किया गया कि आरोपी स्वयं उस कार का इस्तेमाल कर रहा था या नहीं। अदालत ने कहा कि इस मामले में अधिकतम सजा सात साल तक की है और जब जांच पूरी हो चुकी है, तो सिर्फ पुलिस की खामियों के कारण आरोपी को अनिश्चितकाल तक जेल में नहीं रखा जा सकता।

छेड़छाड़ के मामले में जमानत नहीं

हालांकि, छात्राओं के साथ छेड़छाड़ से जुड़े गंभीर मामले में चैतन्यानंद सरस्वती को अभी भी जेल में ही रहना होगा। उस केस में जमानत नहीं दी गई है। यह मामला 25 अगस्त 2025 को दर्ज किया गया था, जब आरोपी से जुड़ी बताई जा रही वोल्वो कार पर फर्जी डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट (39 UN 1) पाई गई थी

स्वामी चैतन्यानंद पर छात्राओं से छेड़छाड़, ट्रस्ट बनाकर हर महीने करीब 40 लाख रुपये की कथित हेराफेरी और फर्जी डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट समेत कुल पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं।

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