February 8, 2026

पंचायतों ने पंजाब सरकार को दान देने से किया किनारा

पंचायतों ने पंजाब सरकार को दान...

चंडीगढ़, 7 फरवरी : पंजाब सरकार द्वारा कैंसर पीड़ितों और नशा छुड़वाने के इलाज के लिए ग्राम पंचायतों से मांगा गया दान अब तक नहीं मिल पाया है। सरकार की अपील के बावजूद किसी भी पंचायत ने इस फंड में योगदान नहीं दिया है। ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग ने 29 जनवरी को सभी अधिकारियों को पत्र भेजकर कहा था कि यदि पंचायतें शमलात जमीन से होने वाली आय में से कैंसर मरीजों और नशा पीड़ितों के इलाज के लिए योगदान देना चाहें, तो वे पट्टे की रकम का दो फीसदी हिस्सा दे सकती हैं। इससे पहले 7 जुलाई 2025 को भी ऐसा ही पत्र जारी किया गया था।

2013 में बना था विशेष फंड

पंजाब सरकार ने कैंसर और नशा मुक्ति के इलाज के लिए बुनियादी ढांचा विकसित करने हेतु ‘पंजाब स्टेट कैंसर एंड ड्रग एडिक्शन ट्रीटमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर फंड एक्ट 2013’ के तहत 9 अप्रैल 2013 को विशेष फंड की स्थापना की थी। इसके तहत कई संस्थानों पर सेस भी लगाया गया। इस एक्ट की धारा (सी) के अनुसार राज्य के बोर्ड, कॉरपोरेशन, एपेक्स को-ऑपरेटिव, लोकल बॉडी, नगर सुधार ट्रस्ट और पंचायती राज संस्थाएं अपनी आय का दो फीसदी या उससे अधिक योगदान इस फंड में दे सकती हैं, बशर्ते संबंधित संस्था घाटे में न हो।

सात महीने में भी नहीं आया एक रुपया

ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग ने अपने ताजा पत्र में स्वीकार किया है कि कैंसर पीड़ितों के इलाज के लिए बनाए गए इस फंड के मुख्यालय के बैंक खाते में अब तक एक भी रुपया जमा नहीं हुआ है। इससे साफ है कि पिछले सात महीनों में किसी भी पंचायत ने इस फंड में योगदान नहीं किया।

13 हजार से ज्यादा पंचायतें, लेकिन ज्यादातर आयहीन

पंजाब में कुल 13,236 ग्राम पंचायतें हैं, जिनमें से 5,228 पंचायतों के पास कोई आय का स्रोत ही नहीं है।

  • 1,740 पंचायतों की वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम है।
  • 1,265 पंचायतों की आय एक से दो लाख रुपये सालाना है।
  • करीब 5,300 पंचायतों की आय दो लाख रुपये से अधिक है।

पहले भी दिए गए थे आर्थिक निर्देश

ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग इससे पहले आय वाली पंचायतों को सरपंचों के मानदेय का बकाया चुकाने के निर्देश दे चुका है। ऐसे में पंचायतों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ने की बात सामने आ रही है।

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