नई दिल्ली, 7 फरवरी : पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुक्रवार (6 फरवरी 2026) को जुमे की नमाज़ के दौरान एक शिया मस्जिद में आत्मघाती हमला हुआ। इस भीषण धमाके में अब तक 69 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 169 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया।
बिना सबूत भारत पर लगाए गए गंभीर आरोप
हमले के तुरंत बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बिना किसी ठोस सबूत के भारत पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि हमलावर का अफगानिस्तान आने-जाने का इतिहास था और भारत तथा अफगान तालिबान के बीच गठजोड़ हो रहा है। ख्वाजा आसिफ ने यह भी कहा कि भारत सीधे टकराव की हिम्मत न होने के कारण ऐसे हमलों को अंजाम दिलवा रहा है।
भारत का सख्त और स्पष्ट जवाब
भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और तथ्यहीन करार दिया है। विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, “इस्लामाबाद की मस्जिद में हुआ धमाका निंदनीय है और भारत इस घटना में हुई जान-माल की क्षति पर गहरा दुख व्यक्त करता है। लेकिन यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक समस्याओं से निपटने के बजाय दूसरों पर आरोप लगाकर खुद को गुमराह कर रहा है।”
अफगानिस्तान ने भी दावों को किया खारिज
काबुल स्थित तालिबान सरकार ने भी पाकिस्तान के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान अपनी सुरक्षा नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए बिना किसी जांच के अफगानिस्तान पर आरोप लगाने का आदी हो चुका है। हमले के बाद पाकिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। वहीं इस घटना को लेकर भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बयानबाजी तेज हो गई है, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
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