कैनबरा, 7 फरवरी : अनियमित खानपान और बिगड़ा हुआ दैनिक रूटीन सेहत के लिए नुकसानदायक होता है, यह बात अब वैज्ञानिक रूप से भी साबित हो चुकी है। एक नए अध्ययन में सामने आया है कि बे-समय खाने की आदतें शरीर की जैविक घड़ी (बॉडी क्लॉक) को प्रभावित करती हैं, जिसका सीधा असर लिवर के कामकाज पर पड़ता है।
शरीर की घड़ी से जुड़ा है लिवर का कार्य
अध्ययन में पाया गया कि लिवर शरीर की घड़ी के अनुसार प्रोटीन रिलीज करता है। जब खाने का समय अनियमित होता है, तो यह प्रक्रिया बाधित हो जाती है और लिवर के मेटाबॉलिक कार्य प्रभावित होते हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि शिफ्ट में काम करने वाले लोग और जिनकी खानपान की आदतें अनियमित हैं, उनमें लिवर की सर्केडियन रिदम बाधित होने का खतरा ज्यादा होता है। इससे लंबे समय में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
नेचर मेटाबॉलिज्म में प्रकाशित हुई रिसर्च
इस अध्ययन के निष्कर्ष प्रतिष्ठित जर्नल ‘नेचर मेटाबॉलिज्म’ में प्रकाशित किए गए हैं, जिससे इसकी वैज्ञानिक विश्वसनीयता और भी मजबूत हो जाती है। ऑस्ट्रेलिया की क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी की प्रमुख शोधकर्ता मेल्टेम वेगर ने बताया कि यह शोध इस धारणा को चुनौती देता है कि लिवर खून में प्रोटीन को समान गति से छोड़ता है। उन्होंने कहा कि प्रोटीन स्राव शरीर की घड़ी से नियंत्रित होता है और यही लिवर की मेटाबॉलिक प्रक्रिया को संचालित करता है।
सेहत के लिए जरूरी है नियमित दिनचर्या
विशेषज्ञों का मानना है कि इस अध्ययन से साफ होता है कि नियमित खानपान और सही दिनचर्या न सिर्फ शरीर की घड़ी को संतुलित रखती है, बल्कि लिवर और संपूर्ण मेटाबॉलिज्म के लिए भी बेहद जरूरी है।
यह भी देखें : थाली में परोसा जा रहा है सफेद ज़हर, आप जरूरत से 5 गुणा अधिक नमक खा रहे हैं!

More Stories
सिर्फ बच्चों को ही नहीं, बड़ों को भी हो सकते हैं पेट के कीड़े
थाली में परोसा जा रहा है सफेद ज़हर, आप जरूरत से 5 गुणा अधिक नमक खा रहे हैं!
सिर दर्द को मामली समझने की न करें गलती, ये ट्यूमर या स्ट्रोक भी हो सकता है