February 8, 2026

भारत–अमेरिका अंतरिम व्यापार ढांचा तय, आयात शुल्क घटकर 18 प्रतिशत

भारत–अमेरिका अंतरिम व्यापार ढांचा तय...

वाशिंगटन/नई दिल्ली, 7 फरवरी : भारत और अमेरिका ने शनिवार को एक अहम घोषणा करते हुए अंतरिम व्यापार समझौते के लिए एक फ्रेमवर्क पर सहमति जताई है। इस समझौते के तहत अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए आयात शुल्क को घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा, जिससे भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। समझौते के अनुसार भारत, अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और खाद्य व कृषि उत्पादों की एक व्यापक श्रेणी पर आयात शुल्क को समाप्त करेगा या उसमें कटौती करेगा।

इनमें सूखा डिस्टिलर अनाज, पशु आहार के लिए लाल ज्वार (सोरघम), ट्री नट्स, ताजे और प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन तेल, वाइन, स्पिरिट्स और अन्य उत्पाद शामिल हैं।

संयुक्त बयान में जताई गई खुशी

दोनों देशों द्वारा जारी संयुक्त बयान में कहा गया है, “अमेरिका और भारत आपसी और लाभकारी व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए एक अंतरिम समझौते के फ्रेमवर्क पर पहुंचकर प्रसन्न हैं।” बयान में यह भी कहा गया कि यह फ्रेमवर्क 13 फरवरी 2025 को राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई व्यापक अमेरिका–भारत द्विपक्षीय व्यापार समझौता (BTA) वार्ता के प्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता को दोहराता है।

50 प्रतिशत टैक्स से मिली बड़ी राहत

गौरतलब है कि अगस्त 2024 में रूस से तेल खरीदने के कारण अमेरिका ने भारत पर 25 प्रतिशत पारस्परिक शुल्क और 25 प्रतिशत अतिरिक्त लेवी लगाई थी, जिससे कुल टैक्स 50 प्रतिशत तक पहुंच गया था। इससे भारतीय निर्यातकों को भारी नुकसान हुआ था। अब टैक्स घटकर 18 प्रतिशत होने से निर्यात को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।

इन क्षेत्रों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा

टैक्स में कटौती से भारत के टेक्सटाइल, चमड़ा, प्लास्टिक, रबर, जैविक रसायन, हस्तशिल्प और कलात्मक वस्तुओं जैसे क्षेत्रों के निर्यात में तेजी आने की उम्मीद है। अंतरिम समझौते के सफलतापूर्वक लागू होने के बाद जेनरिक दवाइयों, रत्न एवं हीरे, और विमान कलपुर्जों जैसे उत्पादों पर आयात शुल्क शून्य किया जाएगा। इससे ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को और मजबूती मिलेगी।

अमेरिका से 500 अरब डॉलर की खरीद का लक्ष्य

भारत ने अगले पांच वर्षों में अमेरिका से लगभग 500 अरब डॉलर के ऊर्जा उत्पाद, विमान, कीमती धातुएं और तकनीकी उत्पाद खरीदने का इरादा जताया है। दोनों देश ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स (GPUs) जैसे तकनीकी उत्पादों के व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि और सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए आर्थिक सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर भी सहमत हुए हैं।

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