नई दिल्ली, 7 फरवरी : भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते के लिए जैसे ही शनिवार को फ्रेमवर्क का ऐलान हुआ, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) द्वारा जारी एक नक्शा सोशल मीडिया और रणनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया। इस नक्शे में पूरे जम्मू-कश्मीर क्षेत्र जिसमें पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (PoK) भी शामिल है को भारत का हिस्सा दर्शाया गया है।
अक्साई चिन भी भारत के हिस्से के रूप में दिखाया गया
नक्शे में अक्साई चिन को भी भारत का हिस्सा बताया गया है, जबकि इस क्षेत्र पर चीन अपना दावा करता रहा है। यह चित्रण इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पहले जारी किए गए अमेरिकी नक्शों में आमतौर पर पीओके को विवादित क्षेत्र के रूप में दर्शाया जाता था।
अमेरिकी रुख में सूक्ष्म लेकिन अहम बदलाव
भारत लंबे समय से यह दोहराता आया है कि जम्मू-कश्मीर उसका अभिन्न अंग है। ऐसे में USTR के ताजा नक्शे को वाशिंगटन के रुख में एक सूक्ष्म लेकिन महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। इस कदम का समय भी खास माना जा रहा है, क्योंकि भारत और अमेरिका हाल के तनावपूर्ण दौर के बाद आपसी संबंधों को फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। इससे पहले ट्रंप प्रशासन ने भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत तक आयात शुल्क लगाया था, जो अमेरिकी सहयोगी देशों में सबसे अधिक था।
टैरिफ घटकर 18 प्रतिशत, भारत को बड़ी राहत
अंतरिम व्यापार फ्रेमवर्क के तहत अब यह टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है, जो किसी भी एशियाई देश के लिए सबसे कम दर मानी जा रही है। इससे भारतीय निर्यातकों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। नक्शे का जारी होना ऐसे समय में हुआ है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत और पाकिस्तान को एक ही नजरिए से देखने यानी ‘री-हाइफनेट’ करने की कोशिशों को लेकर चर्चा में हैं। यह रुख अमेरिका की उस लंबे समय से चली आ रही नीति के विपरीत है, जिसमें भारत और पाकिस्तान को अलग-अलग दृष्टिकोण से देखा जाता रहा है।
यह भी देखें : कश्मीर को लेकर फिर भड़के पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ

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