नई दिल्ली, 9 फरवरी : केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता एक मजबूत समझौता है, जो दोनों देशों की संवेदनशीलताओं का पूरा सम्मान करता है। यह समझौता अगले ढाई वर्षों में भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाएगा। पीयूष गोयल ने इस समझौते को “किसान सुरक्षित, भारत विकसित समझौता” करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार 2047 तक भारत की अर्थव्यवस्था को आठ गुना बढ़ाकर 30 ट्रिलियन डॉलर से अधिक करने की दिशा में काम कर रही है।
भारतीय किसानों के हितों की पूरी सुरक्षा
मंत्री ने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के लिए लाभकारी है और भारतीय किसानों के प्रमुख हितों की 100 प्रतिशत सुरक्षा करता है। इसके तहत भारतीय उत्पादों को जवाबी टैरिफ का लाभ मिलेगा। पीयूष गोयल ने बताया कि भारत के लगभग आधे निर्यात पर अब शून्य जवाबी टैक्स लगेगा। खास तौर पर दवाइयों और स्मार्टफोनों पर टैक्स पूरी तरह शून्य होगा, जिससे निर्यात को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
विपक्ष की आलोचना खारिज
कांग्रेस नेतृत्व वाले विपक्ष द्वारा इस समझौते को अमेरिका के पक्ष में बताया जाना निराधार बताते हुए गोयल ने कहा कि विपक्ष के पास पूरी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध तथ्यों को ध्यान से पढ़ने पर साफ हो जाएगा कि यह समझौता भारत के लोगों और कारोबार के लिए कितना फायदेमंद है। समझौते पर संसद में चर्चा की मांग को लेकर मंत्री ने कहा कि अतीत में व्यापार समझौतों पर संसद में चर्चा की परंपरा नहीं रही है। फिर भी यह लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति पर निर्भर करता है कि वे चर्चा के लिए समय तय करें।
देशव्यापी प्रदर्शन के आह्वान पर प्रतिक्रिया
नई दिल्ली में संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा देशव्यापी प्रदर्शन के आह्वान पर प्रतिक्रिया देते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि यह एक बेहद छोटा और बिखरा हुआ धड़ा है, जिसने यह कॉल दी है। उन्होंने कहा कि देश के ज्यादातर किसान भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के लाभों को समझते हैं और इसे अपने हित में मानते हैं।
सरकार बातचीत को तैयार
केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार कृषि उत्पादों से जुड़े इस समझौते पर किसी भी सवाल या चिंता को दूर करने के लिए किसान संगठनों से बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है। पीयूष गोयल ने कहा कि भारतीय किसान पहले ही करीब पांच लाख करोड़ रुपये के कृषि और मत्स्य उत्पादों का निर्यात कर रहे हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि यह समझौता किसानों के लिए लाभकारी साबित होगा।
यह भी देखें : भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद अब रूसी तेल खरीद पर बना सस्पेंस

More Stories
कुलदीप सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, जमानत याचिका खारिज
एनटीए ने नीट यूजी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में किया बड़ा बदलाव
सूरजकुंड मेले में एक और बड़ा हादसा, स्टॉल नंबर 15 में लगी आग