February 10, 2026

US–Canada : नए अंतरराष्ट्रीय पुल के उद्घाटन पर ट्रंप की रोक की धमकी

US–Canada : नए अंतरराष्ट्रीय पुल के...

वाशिंगटन, 10 फरवरी : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के चलते अमेरिका और कनाडा के रिश्तों में एक बार फिर तनाव गहरा गया है। दोनों देशों के बीच चल रही व्यापारिक जंग अब नए मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि डेट्रॉइट और विंडसर को जोड़ने वाले 4.7 अरब डॉलर की लागत से बने गॉर्डी होव इंटरनेशनल ब्रिज को तब तक नहीं खोला जाएगा, जब तक कनाडा अमेरिका को “पूरा मुआवजा और उचित सम्मान” नहीं देता। ट्रंप ने इस पुल में कम से कम 50 फीसदी हिस्सेदारी की मांग भी रखी है।

सोशल मीडिया पर कनाडा पर निशाना

ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए कनाडा पर अमेरिका के साथ “अन्याय” करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने कनाडा को पहले ही बहुत कुछ दिया है, इसलिए अब इस संपत्ति के स्वामित्व को लेकर तत्काल बातचीत जरूरी है। इस विवाद की जड़ कनाडा द्वारा चीन के साथ किए जा रहे व्यापारिक समझौते और अमेरिकी उत्पादों पर लगाए गए टैक्स बताए जा रहे हैं। ट्रंप का आरोप है कि कनाडा अमेरिकी शराब और डेयरी उत्पादों को अपने बाजार में उचित स्थान नहीं दे रहा।

हॉकी और स्टेनली कप तक पर खतरे का दावा

ट्रंप ने यहां तक दावा किया कि चीन के साथ बढ़ते व्यापारिक रिश्तों के कारण कनाडा में आइस हॉकी जैसी खेल परंपराओं और स्टेनली कप पर भी खतरा मंडरा सकता है। गौरतलब है कि वर्ष 2012 में जब अमेरिका ने इस पुल के लिए फंड देने से इनकार कर दिया था, तब कनाडा ने इसके पूरे निर्माण खर्च को खुद उठाने का फैसला किया था। अब यह पुल लगभग बनकर तैयार है और आने वाले महीनों में आम जनता के लिए खोला जाना है।

मिशिगन के नेताओं का विरोध

मिशिगन की गवर्नर ग्रेचेन विटमर और अन्य डेमोक्रेटिक नेताओं ने ट्रंप की धमकी की कड़ी आलोचना की है। उनका कहना है कि यह पुल दोनों देशों के कामगारों की मेहनत का नतीजा है और इसे रोकना मिशिगन की अर्थव्यवस्था, सप्लाई चेन और हजारों नौकरियों के लिए नुकसानदायक होगा। विशेषज्ञों के अनुसार यह पुल व्यापारिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे ट्रकों का सफर करीब 20 मिनट तक कम हो जाएगा और करोड़ों डॉलर की बचत होगी।

अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग पहले ही इस पुल को आधिकारिक क्रॉसिंग घोषित कर चुका है। ऐसे में ट्रंप की धमकी ने सीमा के दोनों ओर कारोबारियों और राजनेताओं की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल इस पूरे मामले पर न तो कनाडाई दूतावास और न ही ब्रिज अथॉरिटी की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने आई है।

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