April 3, 2026

अब बदतमीज़ी नहीं कर पाएंगे रिकवरी एजेंट, RBI ने जारी किए सख्त दिशा-निर्देश

अब बदतमीज़ी नहीं कर पाएंगे रिकवरी एजेंट...

नई दिल्ली, 13 फरवरी : भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने वित्तीय संस्थानों के लिए नए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन नियमों के तहत अब रिकवरी एजेंट किसी भी स्थिति में कर्ज चुकाने में असमर्थ या देरी करने वाले ग्राहकों के साथ बदसलूकी नहीं कर सकेंगे। ये निर्देश बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, एनबीएफसी, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों और सहकारी बैंकों समेत सभी वित्तीय संस्थानों पर लागू होंगे।

स्पष्ट नीति बनाना अनिवार्य

आरबीआई ने कहा है कि सभी बैंकों को रिकवरी एजेंटों की नियुक्ति, उनकी योग्यता, सत्यापन, आचार संहिता और निगरानी को लेकर स्पष्ट नीति बनानी होगी। उद्देश्य यह है कि कर्ज वसूली की प्रक्रिया कानूनी होने के साथ-साथ मानवीय भी हो। बैंकों को रिकवरी एजेंट नियुक्त करने से पहले उनकी योग्यता और पृष्ठभूमि की जांच करनी होगी। एजेंटों के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेंस (IIBF) या उससे संबद्ध संस्थान से डेब्ट रिकवरी एजेंट का प्रशिक्षण प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य होगा।

लिखित सहमति और सख्त कार्रवाई

बैंकों को एजेंटों से लिखित सहमति लेनी होगी कि वे बैंक की नीतियों और आचार संहिता का पालन करेंगे। यदि कोई एजेंट नियमों का उल्लंघन करता है, तो बैंक को उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करनी होगी, जिसमें अनुबंध समाप्त करना भी शामिल है। किसी भी रिकवरी केस को सौंपने से पहले बैंक को ग्राहक को लिखित नोटिस, एसएमएस या ईमेल के जरिए एजेंट की पूरी जानकारी देनी होगी। यदि एजेंट बदला जाता है तो इसकी सूचना भी तुरंत देनी होगी।

बैंक अपनी वेबसाइट, मोबाइल ऐप और शाखाओं में रिकवरी एजेंटों की अपडेटेड सूची प्रदर्शित करेंगे, जिसमें एजेंट का नाम, संपर्क विवरण और अनुबंध की अवधि शामिल होगी।

गोपनीयता और शिकायत पर रोक

ग्राहक की जानकारी को गोपनीय रखा जाएगा और केवल आवश्यक सीमा तक ही एजेंट के साथ साझा किया जाएगा। यदि ग्राहक शिकायत दर्ज कराता है, तो शिकायत के निपटारे तक रिकवरी प्रक्रिया रोकनी होगी। हालांकि, शिकायत झूठी पाए जाने पर प्रक्रिया दोबारा शुरू की जा सकेगी। अदालती मामलों में भी बैंकों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इन नए नियमों से उम्मीद है कि रिकवरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और ग्राहकों को अनावश्यक दबाव व उत्पीड़न से राहत मिलेगी।