चंडीगढ़, 14 फरवरी : पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने वित्त और शिक्षा विभागों को 180 ईटीटी शिक्षक एसोसिएशन के मुद्दों के समाधान के लिए आपातकालीन संयुक्त बैठक बुलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार कर्मचारियों की जायज मांगों को बिना देरी हल करने के लिए प्रतिबद्ध है।पंजाब सिविल सचिवालय में आयोजित विस्तृत बैठक के दौरान यूनियन प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों और समस्याओं को विस्तार से रखा। वित्त मंत्री ने उनकी बातों को धैर्यपूर्वक सुनने के बाद कहा कि एसोसिएशन द्वारा उठाए गए मुद्दे गंभीर हैं और समयबद्ध विचार के पात्र हैं।
कानूनी और वित्तीय पहलुओं की होगी जांच
चीमा ने कहा कि शिक्षकों को प्रशासनिक और पेशेवर बाधाओं पर अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया गया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी मांगों के कानूनी और वित्तीय प्रभावों की बारीकी से जांच की जाए ताकि अंतिम निर्णय कानूनी रूप से सही और वित्तीय रूप से व्यावहारिक हो।
बैठक में वित्त विभाग के विशेष सचिव शौकत अहमद परे, एडिशनल एडवोकेट जनरल रमनदीप सिंह पंधेर, विशेष सचिव (पर्सोनल) उपकार सिंह और शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव हरप्रीत सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
अंतर-विभागीय समन्वय पर जोर
वित्त मंत्री ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि वह मामले से संबंधित सभी आवश्यक विवरण तुरंत वित्त विभाग के साथ साझा करे। उन्होंने कहा कि अंतर-विभागीय समन्वय ही सुखद और स्थायी समाधान तक पहुंचने का अंतिम और महत्वपूर्ण कदम है।
चीमा ने दोहराया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार अपने कर्मचारियों की भलाई के लिए पूरी तरह समर्पित है और रचनात्मक संवाद के माध्यम से समाधान निकालना उसकी प्राथमिकता है। बैठक में 180 ईटीटी शिक्षक यूनियन की ओर से अध्यक्ष कमल ठाकुर, सोहन सिंह, गुरमुख सिंह और गौरव कांत ने प्रतिनिधित्व किया।
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