February 15, 2026

सावधान! सिर्फ बड़ों को ही नहीं, बच्चों को भी हो सकता है कैंसर

सावधान! सिर्फ बड़ों को ही नहीं...

नई दिल्ली, 15 फरवरी : आमतौर पर कैंसर को वयस्कों की बीमारी माना जाता है, लेकिन यह बच्चों को भी अपनी चपेट में ले सकता है। 0 से 19 वर्ष की आयु में होने वाले कैंसर को ‘चाइल्डहुड कैंसर’ कहा जाता है। हालांकि बच्चों में कैंसर के मामले वयस्कों की तुलना में कम होते हैं, लेकिन समय पर पहचान और सही इलाज से बच्चे की जान बचाई जा सकती है। बाल कैंसर की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इसके लक्षण अक्सर सामान्य बीमारियों जैसे फ्लू, वायरल बुखार या मामूली चोट से मिलते-जुलते होते हैं। इसलिए अभिभावकों को सतर्क रहना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं डॉक्टर सज्जन राजपुरोहित द्वारा बताए गए 6 प्रमुख लक्षणों के बारे में:

इन 6 लक्षणों को कभी न करें नजरअंदाज

1. लगातार बुखार और तेजी से वजन घटना

यदि बच्चे को बिना किसी स्पष्ट संक्रमण के बार-बार बुखार आ रहा है या उसका वजन अचानक कम हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें। यह गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है।

2. असामान्य गांठ या सूजन

शरीर के किसी भी हिस्से, खासकर गर्दन, पेट या बगल में कोई गांठ या सूजन दिखाई दे जो धीरे-धीरे बढ़ रही हो, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

3. हड्डियों और जोड़ों में लगातार दर्द

बिना किसी चोट के हड्डियों में दर्द रहना या बच्चे का लंगड़ाकर चलना हड्डियों के कैंसर या ल्यूकेमिया का संकेत हो सकता है।

4. बार-बार सिरदर्द और उल्टी

सुबह के समय तेज सिरदर्द के साथ उल्टी आना मस्तिष्क से जुड़ी किसी गंभीर समस्या की ओर इशारा कर सकता है।

5. त्वचा के रंग में बदलाव और खून बहना

बिना चोट के शरीर पर नीले निशान पड़ना, मसूड़ों या नाक से खून आना एनीमिया या ब्लड कैंसर के लक्षण हो सकते हैं।

6. आंखों में सफेद चमक (व्हाइट रिफ्लेक्स)

फोटो खींचते समय फ्लैश में आंखों की पुतली में सफेद चमक दिखाई देना भी एक गंभीर संकेत हो सकता है, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि उपरोक्त में से कोई भी लक्षण दो सप्ताह से अधिक समय तक बने रहें, तो तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लें। शुरुआती जांच और सही समय पर इलाज से बाल कैंसर पर काबू पाया जा सकता है। अभिभावकों की जागरूकता ही बच्चों की सुरक्षा की पहली ढाल है।

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