तपा मंडी, 17 फरवरी : तपा मंडी में मंगलवार सुबह विजिलेंस टीम ने चावल की ढुलाई से जुड़े मामले में ट्रक यूनियन दफ्तर पहुंचकर जांच शुरू की। टीम ने ट्रक मालिकों, ड्राइवरों और क्लीनरों से पूछताछ की और पिछले समय में ढुलाई किए गए माल का ब्योरा मांगा।
भारत राइस योजना के तहत सस्ता चावल
यह मामला केंद्र सरकार की भारत राइस योजना से जुड़ा है, जिसका उद्देश्य आम लोगों को सस्ती दरों पर चावल उपलब्ध करवाना है। सूत्रों के अनुसार, योजना के तहत बड़े स्तर पर कथित गड़बड़ी सामने आने के बाद केंद्र और राज्य सरकारों में हलचल मच गई है। बताया जा रहा है कि पंजाब और हरियाणा में निजी कंपनियों ने सरकार से आरओ (रिलीज ऑर्डर) के जरिए सस्ती दरों पर चावल खरीदा।
आरोप है कि इन निजी खिलाड़ियों ने गरीबों को पैकिंग कर चावल वितरित करने के बजाय अधिकारियों की कथित मिलीभगत से इसे खुले बाजार में ऊंचे दामों पर बेच दिया। जैसे-जैसे इस लेन-देन का हिसाब-किताब सामने आने लगा, दिल्ली और पंजाब के खाद्य विभाग से जुड़े बड़े कारोबारी भी जांच के दायरे में आ गए।
ट्रकों की मूवमेंट पर भी सवाल
इलाके में चर्चा है कि कुछ ट्रक निर्धारित स्थानों तक पहुंचे, लेकिन बड़ी संख्या में ट्रकों का माल कहीं और ही खपा दिया गया। इसी को लेकर विजिलेंस टीमें यह पता लगाने में जुटी हैं कि कितना माल उठाया गया और उसे कहां उतारा गया।
विजिलेंस अधिकारी गुरमेल सिंह ने बताया कि टीम द्वारा पिछले वर्षों में चावल की ढुलाई से संबंधित सभी रिकॉर्ड इकट्ठा किए जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट विभाग को सौंपी जाएगी।उन्होंने कहा कि यदि जांच के दौरान कोई भी व्यक्ति दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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