लुधियाना, 17 फरवरी – किला रायपुर में मंगलवार को 12 साल के अंतराल के बाद ग्रामीण ओलंपिक-2026 का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पारंपरिक बैलगाड़ी की दौड़ों ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया और राज्य की ग्रामीण विरासत को उजागर किया।
उद्घाटन समारोह और बैलगाड़ी दौड़ें
ओलंपिक का उद्घाटन पंजाब के कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डीयां ने किला रायपुर खेल स्टेडियम में किया। बैलगाड़ी की दौड़ों के फिर से शुरू होने से बड़ी संख्या में दर्शक पंजाब और अन्य राज्यों से पहुंचे। विधायक जीवन सिंह संगोवाल और डॉ. के. एन. एस. कंग के साथ मंत्री खुड्डियां ने इन दौड़ियों के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को 2025 में पारित ‘जानवरों पर अत्याचार की रोकथाम (पंजाब संशोधन) अधिनियम’ का श्रेय दिया, जिसने बैलगाड़ी दौड़ को फिर से शुरू करने का रास्ता तैयार किया।
सरकार की प्रतिबद्धता और खिलाड़ियों के लिए प्रोत्साहन
मंत्री खुड्डियां ने कहा कि किला रायपुर ग्रामीण ओलंपिक पंजाब में खेल संस्कृति को मजबूत करने और छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने घोषणा की कि ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक विजेताओं को नकद इनामों में वृद्धि और पी.सी.एस./पी.पी.एस. जैसी प्रतिष्ठित सरकारी नौकरियों का लाभ मिलेगा।उन्होंने यह भी बताया कि पिछले चार वर्षों में लगभग 64,000 सरकारी नौकरियों को योग्यता के आधार पर भरा गया, जिससे भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनी।
बुनियादी ढांचे और जनता कल्याण योजनाएं
मंत्री ने राज्य में लगभग 40,000 किलोमीटर सड़कों के निर्माण और अपग्रेड का उल्लेख किया। इसके अलावा प्रति घर 600 यूनिट मुफ्त बिजली प्रदान की गई, जिससे 90 प्रतिशत परिवारों के बिजली बिल ज़ीरो आए। पशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी 30 लाख रुपये की ग्रांट की घोषणा की गई, ताकि क्षेत्र में पशुओं को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं मिल सकें।
किला रायपुर ग्रामीण ओलंपिक-2026 में बैलगाड़ी दौड़ के अलावा कबड्डी, हॉकी, एथलेटिक्स, साइक्लिंग, रस्साकशी और अन्य पारंपरिक खेल शामिल हैं। आयोजन में अतिरिक्त उपायुक्त (ग्रामीण विकास) अमरजीत बैंस, एस.डी.एम. जसलीन कौर भुल्लर, जिला खेल अधिकारी कुलदीप चुग और पंजाब भर से आए अन्य प्रमुख व्यक्तित्व उपस्थित थे।
सांस्कृतिक और सामाजिक उत्साह
12 साल के अंतराल के बाद बैलगाड़ी दौड़ के पुनरुत्थान से देश और विदेश में बसे पंजाबियों में उत्साह देखा गया। यह आयोजन न केवल खेलों का मंच है बल्कि पंजाब की ग्रामीण परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने का भी अवसर प्रदान करता है। समापन: यह ओलंपिक 19 फरवरी तक जारी रहेगा और दर्शकों और खिलाड़ियों के लिए मनोरंजन, उत्साह और पारंपरिक खेलों की समृद्धि का अनुभव पेश करेगा।

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