February 20, 2026

सिर्फ उम्र ही नहीं, जन्म स्थान और लिंग भी तय करते हैं आपकी इम्यूनिटी

सिर्फ उम्र ही नहीं, जन्म स्थान और लिंग भी...

नई दिल्ली, 20 फरवरी : जब भी कोई वायरस हमारे शरीर पर हमला करता है तो शरीर उससे लड़ने के लिए एंटीबॉडी बनाता है। लेकिन एक नई रिसर्च में सामने आया है कि वायरस से लड़ने की यह क्षमता केवल उम्र पर ही निर्भर नहीं करती, बल्कि जन्म स्थान, लिंग और जेनेटिक बनावट भी इसमें अहम भूमिका निभाते हैं।

उम्र के साथ बदलती है एंटीबॉडी की प्रतिक्रिया

फ्रांस के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए अध्ययन में पाया गया कि जब एक ही प्रकार का वायरस अलग-अलग लोगों को संक्रमित करता है, तो हर व्यक्ति का शरीर वायरस के अलग-अलग हिस्सों को निशाना बनाने वाली एंटीबॉडी बना सकता है। कुछ विशेष एंटीबॉडी उम्र बढ़ने के साथ बढ़ती हैं, जबकि कुछ कम हो जाती हैं। यह इस बात पर निर्भर करता है कि वायरस के किस हिस्से को लक्ष्य बनाया जा रहा है।

लिंग, जेनेटिक्स और जन्म स्थान का भी असर

अध्ययन के अनुसार, केवल उम्र ही नहीं बल्कि व्यक्ति का लिंग (जेंडर), उसकी आनुवंशिक संरचना (जेनेटिक्स) और जन्म स्थान भी इम्यून प्रतिक्रिया को प्रभावित करते हैं। ये सभी कारक मिलकर यह तय करते हैं कि शरीर में कितनी मात्रा में एंटीबॉडी बनेंगी और वे वायरस के किस विशेष हिस्से को निशाना बनाएंगी।

‘नेचर इम्यूनोलॉजी’ में प्रकाशित हुआ अध्ययन

इस महत्वपूर्ण शोध के निष्कर्ष प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिका Nature Immunology में प्रकाशित किए गए हैं। अध्ययन में 1,000 स्वस्थ लोगों को शामिल किया गया। शोधकर्ताओं ने प्रतिभागियों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति, जीवनशैली, मेडिकल हिस्ट्री और विभिन्न जैविक संकेतकों का गहराई से विश्लेषण किया।

शोध में बताया गया है कि उम्र, लिंग और जन्म स्थान का सीधा असर इस बात पर पड़ता है कि एंटीबॉडी किस ‘एपिटोप’ (Epitope) को लक्ष्य बनाएंगी। सरल शब्दों में, एपिटोप वायरस या एंटीजन का वह खास हिस्सा होता है, जहां एंटीबॉडी जाकर चिपकती है और संक्रमण से लड़ने की प्रक्रिया शुरू करती है।

भविष्य की वैक्सीन रणनीति में मिल सकती है मदद

विशेषज्ञों का मानना है कि यह अध्ययन भविष्य में वैक्सीन विकास और व्यक्तिगत (पर्सनलाइज्ड) चिकित्सा रणनीतियों को बेहतर बनाने में मददगार साबित हो सकता है, क्योंकि इससे यह समझने में सहायता मिलेगी कि अलग-अलग लोगों में प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया क्यों अलग होती है।

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